बलरामपुर: हिस्ट्रीशीटर की दबंगई, मृतक ग्रामीण के नाम पर जंगल से काट ले गया बेशकीमती पेड़

Sandesh Wahak Digital Desk: बलरामपुर जनपद के पचपेड़वा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए एक हिस्ट्रीशीटर द्वारा वन विभाग की बेशकीमती लकड़ी चोरी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि थाना पचपेड़वा के ग्राम हरखड़ी निवासी गुलाम हुसैन उर्फ चिनके, जो क्षेत्र का चिन्हित हिस्ट्रीशीटर है, ने एक ग्रामीण की मृत्यु का फायदा उठाकर सरकारी जंगल से शीशम के विशालकाय पेड़ पर आरा चलवा दिया और जब इस मामले में शिकायत की गई तो वन विभाग और पुलिस ने मामले में केवल आरोपी से जुर्माना भरवाकर मामले को रफा दफा करने की कोशिश की।

​मृतक के अंतिम संस्कार की आड़ में वारदात

शिकायतकर्ता अखिलेश्वर पुत्र बच्चूलाल ने पुलिस अधीक्षक व अन्य अधिकारियों को सौंपे प्रार्थना पत्र में बताया कि 1 नवंबर 2025 को उनके गांव के रईस उर्फ भुर्रे का निधन हो गया था। अगले दिन यानी 2 नवंबर को जब गांव के लोग मृतक के अंतिम संस्कार की रस्मों में व्यस्त थे, उसी दौरान आरोपी गुलाम हुसैन उर्फ चिनके ने भांभर रेंज के थुढ़वलिया बीट के जंगल में अवैध रूप से शीशम का पेड़ काट लिया। आरोपी लकड़ी को निजी ट्रैक्टर-ट्रॉली में लादकर ले गया। जिसका प्रणाम वहां ओर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद है।

आरा मशीन संचालक ने लकड़ी चीरने से किया मना

जानकारी के अनुसार, जब आरोपी करीब 5 फुट मोटे और 7 फुट लंबे शीशम के 5 बोटों (लठ्ठों) को लेकर आरा मशीन पर पहुँचा, तो वहाँ मौजूद कर्मचारियों ने इसे वन विभाग की लकड़ी पहचान लिया और चीरने से साफ मना कर दिया। इसके बाद आरोपी ने लकड़ी को कहीं छिपा दिया और बाद में उसे खुर्द-बुर्द कर निजी लाभ के लिए बेच दिया। जब शिकायत हुई तो जांच शुरू हुई लेकिन आईजीआरएस रिपोर्ट में आरोपी पर महज 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाकर केस को रफा दफा कर दिया। पुलिस और वन विभाग की इस कार्रवाई से संतुष्ट शिकायतकर्ता ने एक बार फिर अब उच्च अधिकारियों से गुहार लगाते हुए एफआईआर दर्ज कर आरोपी पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने की मांग की है।

हिस्ट्रीशीटर और गुंडा एक्ट का आरोपी है चिनके

शिकायतकर्ता अखिलेश्वर ने पत्र में स्पष्ट किया है कि गुलाम हुसैन उर्फ चिनके एक शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ वन विभाग और स्थानीय थाने में पूर्व से ही दर्जनों आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह न केवल थाने का हिस्ट्रीशीटर है बल्कि गुंडा एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में भी पाबंद हो चुका है। उसकी आपराधिक छवि के कारण क्षेत्र में उसका काफी खौफ है। वह आए दिन विवादों से घिरा रहता है फिर भी पुलिस और वन विभाग ना जाने किस कारण से उसके ऊपर कोई कड़ी कार्रवाई नहीं कर रहा है।

शिकायतकर्ता का बयान

अखिलेश्वर ने बताया कि ​”आरोपी ने गांव के एक व्यक्ति की मौत को ढाल बनाया और मृतक के नाम पर जंगल की कीमती लकड़ी काट ली। यह न केवल वन विभाग की संपत्ति की चोरी है, बल्कि एक अपराधी द्वारा खुलेआम कानून का मजाक उड़ाना है। हमने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच की मांग की है ताकि इस गिरोह का पर्दाफाश हो सके।” अखिलेश्वर का कहना है कि यह आरोपी का मैच एक कृत्य नहीं है इसी तरह से गांव और आसपास के इलाकों में उसकी काफी दहशत है और वह आए दिन विवादों से घिरा रहता है। आरोपी काफी अपराधिकृत में संलिप्त है।

शिकायतकर्ता ने गहन ​जांच की मांग

अखिलेश्वर ने साक्ष्यों के तौर पर पेड़ के ठूंठ की तस्वीरें और आरोपी के आपराधिक इतिहास की कॉपी भी संलग्न की है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि थुढ़वलिया, कोलहुई और बढ़ईपुरवा मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर आरोपी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। इसके साथ ही आरोपी के आपराधिक इतिहास के अनुसार, गहन जांच करवाकर उसके ऊपर अन्य कार्रवाई भी की जाए।

वही इस मामले पर जानकारी देते हुए थानाध्यक्ष आप चौहान ने बताया कि मामला सुहेलदेव वन्य जीव अभ्यारण्य जंगल से पेड़ कटान का मामला संज्ञान में है। जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपी गुलाम हुसैन का आपराधिक इतिहास है, उसे भी खंगाला जा रहा है। जांच में जो नही तथ्य समाने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट: योगेंद्र त्रिपाठी

 

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