बलरामपुर: 6 महीने से दहशत का पर्याय बना तेंदुआ पिंजरे में कैद, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
Sandesh Wahak Digital Desk: बलरामपुर जिले के बारहवा रेंज में पिछले छह महीनों से आतंक का कारण बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग की पकड़ में आ गया है। इस तेंदुए की मौजूदगी से कौआपुर, किठूरा और साखी रेत सहित दर्जनों गांवों में खौफ का माहौल था। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद अब सीमावर्ती ग्रामीणों ने चैन की सांस ली है।
आधा दर्जन गांवों में था तेंदुए का पहरा
तेंदुआ काफी समय से आबादी वाले क्षेत्रों में सक्रिय था। तेंदुए ने पिछले कुछ महीनों में कई पालतू मवेशियों को अपना निवाला बनाया था। तेंदुए के डर से किसानों ने खेतों में अकेले जाना और शाम के समय बाहर निकलना लगभग बंद कर दिया था। कौआपुर, किठूरा, साखी रेत, और बेला जैसे गांवों में तेंदुए की लगातार साइटिंग हो रही थी।
तार में फंसने से मिली सफलता
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग काफी समय से प्रयास कर रहा था, लेकिन वह बार-बार चकमा दे रहा था। मंगलवार को तेंदुआ एक तार (बाड़) में फंसा हुआ पाया गया। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। मौके पर पहुंची टीम ने रेस्क्यू कर तेंदुए को सुरक्षित रूप से अपने कब्जे में ले लिया और उसे रेंज मुख्यालय ले गई।
भंभर रेंज की गुत्थी अब भी बरकरार
तेंदुए के पकड़े जाने से एक तरफ राहत है, वहीं दूसरी तरफ भंभर रेंज का मामला अभी भी पेचीदा बना हुआ है। हाल ही में वहां जंगली जानवर के हमले में दो महिलाओं की मौत हो गई थी। वन विभाग अभी तक यह स्पष्ट नहीं कर पाया है कि उन पर हमला इसी तेंदुए ने किया था या वह कोई अन्य बाघ या हिंसक जानवर था।
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