बलरामपुर: जेल से छूटते ही फिर हैवान बना अनीस, नाबालिग को डरा-धमकाकर किया गर्भवती
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। थाना पचपेड़वा क्षेत्र में एक युवक ने नाबालिग के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। आरोपी अनीस, जो पहले भी इसी पीड़िता के अपहरण के मामले में जेल जा चुका था, बाहर आते ही फिर से दरिंदगी पर उतर आया। उसने नाबालिग को डरा-धमकाकर कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया, जिसके चलते पीड़िता गर्भवती हो गई। फिलहाल पीड़िता की हालत नाजुक है और उसे बहराइच मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
जेल से छूटते ही फिर की हैवानियत
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अनीस पुत्र बाबूलाल निवासी शंकरपुर कला एक आदतन अपराधी है। उसने पूछताछ में पुलिस के सामने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि वह जेल से छूटने के बाद से लगातार पीड़िता को अपनी हवस का शिकार बना रहा था। डरी-सहमी बच्ची किसी से कुछ कह नहीं पाई, लेकिन जब उसकी तबीयत बिगड़ी और वह गर्भवती हो गई, तब जाकर इस खौफनाक वारदात का खुलासा हुआ।
पिता की तहरीर ने खोला राज
पीड़िता के पिता द्वारा दी गयी तहरीर के अनुसार, जब बच्ची की तबीयत बिगड़ी तो आनन फानन में हम लोगों द्वारा उसे सीएचसी पचपेड़वा अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उसके गर्भवती होने की सूचना दी तो सभी के पैरों तले जमीन खिसक गई। वहां से उसे पहले महिला चिकित्सालय बलरामपुर, फिर बहराइच मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। बहराइच के बाद अब लखनऊ मेडिकल यूनिवर्सिटी में बच्ची ज़िंदगी और मौत के बीच लड़ाई लड़ रही है।
पुलिस ने त्रिलोकपुर रोड से दबोचा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने टीम गठित कर आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। एएसपी विशाल पाण्डेय और सीओ तुलसीपुर डॉ. जितेन्द्र कुमार के नेतृत्व में पचपेड़वा पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया। गुरुवार को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी अनीस को त्रिलोकपुर से बढ़नी जाने वाले रास्ते से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, यह आरोपी पहले भी इसी बच्ची के अपरहण में जेल जा चुका है। जेल से छूटकर आने के बाद फिर उसने यह कृत्य उक्त बच्ची के साथ शुरू कर दिया था।
पुराना अपराधी है आरोपी
हैरानी की बात यह है कि आरोपी अनीस ने इसी साल फरवरी में पीड़िता का अपहरण किया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे जेल भेजा था। जेल से बाहर आने के बाद उसने सुधारने के बजाय बदला लेने और हवस मिटाने की नीयत से दोबारा वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 64(2)M और पाक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
एसपी विकास कुमार का सख्त रुख
इस पूरे मामले पर पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा, “महिला और बाल अपराधों के प्रति बलरामपुर पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रही है। आरोपी अनीस एक आदतन अपराधी है जिसने पूर्व में भी इसी पीड़िता के साथ अपराध किया था। हमने उसे गिरफ्तार कर लिया है और मामले की विवेचना में सभी वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि इस अपराधी को न्यायालय से कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए ताकि समाज में एक सख्त संदेश जाए।”
रिपोर्ट: योगेंद्र त्रिपाठी
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