बलरामपुर: पूर्व सांसद रिजवान जहीर को बड़ी राहत, फर्जी जमानतदार मामले में कोर्ट ने मंजूर की बेल
तुलसीपुर के फिरोज पप्पू हत्याकांड के आरोपी रिजवान जहीर को राहत, 4 साल बाद जेल से रिहा हुए पूर्व सांसद
Sandesh Wahak Digital Desk: बलरामपुर जिले की राजनीति को लगभग 3 दशक तक प्रभावित करने वाले पूर्व सांसद, पूर्व विधायक व सपा नेता रिज़वान ज़हीर को अंततः जमानत मिल गयी। पूर्व सांसद रिजवान जहीर खान को लगभग चार वर्षों के लंबे इंतजार के बाद जमानत पर जेल से रिहाई मिल गई है। गौरतलब है कि 4 जनवरी 2022 को तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष फिरोज पप्पू की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में साजिश रचने के आरोप में पुलिस ने रिजवान जहीर को 10 जनवरी 2022 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तब से वे लगातार जेल में निरुद्ध थे, लेकिन अब उन्हें न्यायालय से बड़ी राहत मिल गई है।
पूर्व सांसद रिजवान जहीर की जेल से रिहाई
ताजा मामला फर्जी जमानतदार दाखिल करने से जुड़ा था, जिसमें लालिया थाना पुलिस ने पूर्व सांसद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस का आरोप था कि गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में जमानत मिलने के बाद रिजवान जहीर ने रोज अली और मोहर्रम अली को बतौर जमानतदार पेश किया था, जिनके पते सत्यापन के दौरान फर्जी पाए गए। इसी आधार पर पुलिस ने पूर्व सांसद समेत तीन लोगों के विरुद्ध कूट रचना और साजिश का मुकदमा दर्ज कर उनकी रिमांड हासिल की थी। हालांकि, इस मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की पूरी कार्यवाही सवालों के घेरे में आ गई।
पुलिस की थ्योरी पर अदालत ने उठाए सवाल
न्यायाधीश प्रदीप कुमार ने जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए पुलिस की दलीलों को खारिज कर दिया और कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने पाया कि आरोपी पिछले लगभग चार वर्षों से जेल में बंद है, ऐसे में जमानतदारों से उसका सीधा संपर्क होना पुलिस साबित नहीं कर सकी है। इसके अलावा, पुलिस अदालत के समक्ष आरोपी का कोई ठोस आपराधिक इतिहास भी पेश करने में नाकाम रही। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि जिन जमानतदारों का हवाला देकर पुलिस ने केस दर्ज किया, उन्होंने पहले ही अपनी जमानत वापस ले ली थी, इसके बावजूद पुलिस ने जानबूझकर पूर्व सांसद को आरोपी बनाया।
पूर्व सांसद की बड़ी कानूनी जीत
अदालत ने सभी साक्ष्यों और प्रपत्रों के गहन अवलोकन के बाद रिजवान जहीर की जमानत मंजूर कर ली, जिसके बाद उनकी जेल से रिहाई मुमकिन हो सकी। चार साल बाद अपने नेता की रिहाई की खबर मिलते ही समर्थकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है और क्षेत्र में इसे पूर्व सांसद की बड़ी कानूनी जीत के तौर पर देखा जा रहा है।
फ़िलहाल, रिज़वान ज़हीर से जुड़े लोगों का कहना है कि पूर्व सांसद की तबियत खराब है। उन्हें अस्पताल में डॉक्टरों के द्वारा चेक किया गया है। उन्हें डॉक्टरों ने आराम की सलाह दी है। स्वस्थ होने के बाद वह जल्द ही वह क्षेत्र में आकर जनता से भेंट कर सकते हैं।
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