Balrampur News: खाद की कालाबाजारी जारी, किसानों ने अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

Sandesh Wahak Digital Desk: बलरामपुर जिले में खाद की किल्लत और कालाबाजारी ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। एक तरफ जहां जिला प्रशासन पर्याप्त खाद होने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर किसानों को ऊंची कीमतों पर खाद खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

ग्रामीण इलाकों में किसानों का कहना है कि उन्हें निजी दुकानों और सहकारी समितियों (बी-पैक्स) पर खाद के लिए तय दाम से कहीं ज़्यादा पैसे देने पड़ रहे हैं। परसपुर और चौधरीडीह जैसी जगहों पर किसान एक बोरी खाद के लिए ₹450 से लेकर ₹650 तक चुकाने को मजबूर हैं, जबकि उन्हें घंटों तक लाइनों में भी खड़ा रहना पड़ता है।

किसानों ने आरोप लगाया कि खाद सिर्फ उन्हीं को दी जा रही है जो जान-पहचान वाले हैं या जो बिचौलियों को ज़्यादा दाम देने को तैयार हैं। इससे ज़रूरत मंद किसानों को खाद नहीं मिल पा रही और उनकी फसलें सूख रही हैं।

अधिकारियों पर लगे गंभीर आरोप

परसपुर स्थित एक निजी खाद दुकानदार जितेंद्र प्रताप मिश्र ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी खुद दुकानों पर बैठकर खाद बंटवाते हैं। उन्होंने दावा किया कि एक दुकान सील होने के बाद भी अधिकारियों ने सैकड़ों बोरियाँ ऊँचे दामों पर बिकवाईं। एक कर्मचारी ने तो यहाँ तक कहा कि कुछ अधिकारी ‘अपना खर्चा-पानी’ लेकर ही चले जाते हैं। एक अन्य दुकानदार ने बताया कि सुबह दो अधिकारी आए थे और पैसे लेकर चले गए।

प्रशासन का दावा: सब कुछ ठीक है

इन आरोपों के बीच, जिला कृषि अधिकारी ने एक प्रेस नोट जारी कर दावा किया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। उन्होंने किसानों से आधार कार्ड और खतौनी दिखाकर खाद लेने की अपील की। जब इस मामले में उनसे बात करने की कोशिश की गई, तो उनका फोन नॉट रीचेबल था। इस खबर ने किसानों और प्रशासन के बीच के दावों में बड़े अंतर को उजागर किया है और भ्रष्टाचार के आरोपों पर सवाल खड़ा कर दिया है।

रिपोर्ट: योगेंद्र त्रिपाठी

 

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