बलरामपुर में मिलावट पर शिकंजा: तीन बड़ी मिठाई दुकानों के उत्पाद ‘असुरक्षित’ घोषित

Sandesh Wahak Digital Desk: बलरामपुर जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। त्योहारी सीजन के बाद मिलावटी और असुरक्षित खाद्य वस्तुओं की बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कई मिठाई प्रतिष्ठानों पर सघन प्रवर्तन अभियान चलाया। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश तथा जिलाधिकारी महोदय के निर्देश पर संचालित इस अभियान के तहत विभिन्न प्रतिष्ठानों से लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।

नमूना जांच में तीन प्रतिष्ठानों के उत्पाद असुरक्षित घोषित

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित मिठाई निर्माण इकाइयों और फुटकर दुकानों से नमूने एकत्र कर गोरखपुर स्थित खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला को भेजे थे। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, कुल तीन प्रतिष्ठानों के नमूने असुरक्षित पाए गए।

चौक रोड, मेन मार्केट स्थित मेसर्स राम मिष्ठान भण्डार से लिए गए रसमलाई का नमूना मानव उपभोग के लिए हानिकारक पाया गया। रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख है कि रसमलाई में मिलावट की श्रेणी के तत्व पाए गए, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम उत्पन्न करते हैं।

इसी प्रकार, जोगीवीर, उतरौला स्थित मेसर्स भारत स्वीट्स की निर्माण इकाई से लिए गए बतीसा एवं बतीसा रोल मिठाई के नमूने भी असुरक्षित घोषित किए गए। मिठाई में प्रयुक्त रंग एवं अन्य पदार्थ खाद्य मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।

फुटकर विक्रेता के यहां से लिए गए लड्डू भी असुरक्षित

तुलसीपुर क्षेत्र में चीनी मिल गेट के पास स्थित फुटकर विक्रेता राशिद खान पुत्र अब्दुल मन्नान के प्रतिष्ठान से लिए गए मोतीचूर के लड्डू का नमूना भी असुरक्षित श्रेणी में पाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, लड्डू में उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता न्यूनतम खाद्य मानकों को भी पूरा नहीं करती।

एक प्रतिष्ठान तुरंत सील, दो के लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया जारी

जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मेसर्स भारत स्वीट्स, जोगीवीर का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और निर्माण कार्य को अगले आदेश तक बंद करा दिया है। वहीं, मेसर्स राम मिष्ठान भण्डार और फुटकर विक्रेता राशिद खान के प्रतिष्ठानों के लाइसेंस को निलंबित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है और इनके खिलाफ आगे की विधिक कार्यवाही प्रचलित है।

प्रशासन ने जारी की सख्त चेतावनी

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग द्वारा जिले में लगातार गश्त, निरीक्षण और नमूना संग्रह की कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ मिलने पर तुरंत सूचना दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

रिपोर्ट: योगेंद्र त्रिपाठी

 

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