बलरामपुर: सागौन की अवैध कटान का खुलासा, SSB और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई से मचा हड़कंप

बलरामपुर। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में बेशकीमती सागौन के पेड़ों की अवैध कटान का बड़ा मामला सामने आया है। यहां वन माफियाओं और लकड़ी के ठेकेदारों द्वारा लगातार हरियाली को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिसमें अक्सर विभागीय लोगों की मिलीभगत की आशंका जताई जाती है।

इस अवैध गतिविधि को रोकने के लिए, सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 09वीं वाहिनी लगातार प्रयास कर रही है। एसएसबी की सीमा चौकी बरहवा नाका (कंपनी खंगारानाका) और वन विभाग की त्वरित संयुक्त कार्रवाई से इस गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है।

कैसे हुआ भंडाफोड़?

2 अक्टूबर 2025 को, एसएसबी को गुप्त सूचना मिली कि ग्राम धामपुर (सीमा स्तंभ संख्या 611/60 के पास) के निकट सागौन के पेड़ों की अवैध रूप से कटाई की गई है। सूचना मिलते ही, सीमा चौकी बरहवा नाका की क्विक रिस्पॉन्स टीम ने वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुँचकर कार्रवाई शुरू की।

संयुक्त टीम जब स्थल पर पहुंची, तो वहां सागौन के 71 बोटा लकड़ी पड़ी मिली, जिनमें कई बोटे बेहद मोटे व्यास के थे। मौके पर स्थानीय लोगों से पूछताछ करने पर उन्होंने किसी भी प्रकार की जानकारी देने से इनकार कर दिया। जब्त की गई लकड़ी की नाप-जोख करने पर उसकी मात्रा 10.086 घन मीटर पाई गई।

मामला दर्ज और आगे की कार्रवाई

जब्त की गई लकड़ी को बरहवा वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है। वन विभाग ने रेंज बरहवा में ग्रामीण वृक्ष संरक्षण अधिनियम की धारा 4/10 के तहत केस संख्या 29/25-26 दर्ज कर लिया है। एसएसबी और वन विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई से सीमा क्षेत्र में अवैध कटान करने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन संपदा की सुरक्षा के लिए गश्त और निगरानी को और सख्त किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

रिपोर्ट : योगेंद्र त्रिपाठी

 

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