Balrampur News: तुलसीपुर के बसंत लाल इंटर कॉलेज के प्रबंधन को ‘अंतिम नोटिस’, कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी
Balrampur News: जिले के प्रतिष्ठित बसंत लाल इंटर कॉलेज का प्रबंधन अब कानूनी मुश्किलों में घिरता नज़र आ रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मिली शिकायत के बाद, संयुक्त शिक्षा निदेशक देवीपाटन ने कॉलेज के प्रबंधक सलिल सिंह टीटू और अध्यक्ष दिनेश कुमार गोयल को ‘अंतिम नोटिस’ जारी किया है। नोटिस में एक सप्ताह के भीतर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है, जिसमें विसंगतियां पाई गई हैं।
फर्जीवाड़े और दस्तावेजी हेराफेरी के आरोप
कॉलेज के मुख्य ट्रस्टी और शिकायतकर्ता विवेक गोयल ने आरोप लगाया है कि कॉलेज के मौजूदा प्रबंधन ने दस्तावेजों में हेराफेरी की है। उनकी शिकायत के बाद हुई जांच में कई अनियमितताएं सामने आईं। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने अपने नोटिस में बताया है कि वर्ष 2011 में अनुमोदित प्रशासन योजना का कोई रिकॉर्ड कार्यालय में नहीं मिला, जिसे कथित तौर पर कूटरचित तरीके से तैयार किया गया था।
नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी ट्रस्ट को सोसाइटी में बदलने का कोई प्रावधान नहीं है, जबकि कॉलेज प्रबंधन ने ऐसा किया है। विवेक गोयल का कहना है कि यह सब फर्जीवाड़ा है और उन्होंने इस मामले को हाईकोर्ट में उठाया है, जिसके बाद ही कार्रवाई शुरू हुई है। उनका मकसद है कि दोषी लोगों को कड़ी सजा मिले और कॉलेज का संचालन ट्रस्ट के पुराने सदस्यों को वापस सौंपा जाए।
प्रशासन पर भी दबाव
संयुक्त शिक्षा निदेशक ने इस मामले में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम और डीआईओएस सहित तमाम अधिकारियों को भी पत्र लिखकर जांच के बाद कार्रवाई करने को कहा है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को भेजे गए पत्र से यह साफ है कि प्रबंधन पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी है।
जिला विद्यालय निरीक्षक मृदुल आनंद ने इस मामले पर बताया कि पूरे मामले की जांच संयुक्त शिक्षा निदेशक कर रहे हैं। उन्होंने हमसे रिपोर्ट मांगी है, जो हम भेज रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच के बाद जो भी कार्रवाई होगी, वह संयुक्त शिक्षा निदेशक द्वारा की जाएगी और फिलहाल कॉलेज के शैक्षणिक संचालन में कोई समस्या नहीं है।
यह मामला कॉलेज की दो गुटों की लड़ाई के कारण छात्र-छात्राओं के भविष्य पर भी सवाल खड़ा कर रहा है। अब देखना यह होगा कि इस नोटिस के बाद कॉलेज प्रबंधन क्या जवाब देता है और जिला प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।
रिपोर्ट: योगेंद्र त्रिपाठी
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