राप्ती नदी की कटान से बलरामपुर का चौक कला गांव खतरे में, ग्रामीणों ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश का बलरामपुर जिला इन दिनों एक बड़े संकट से जूझ रहा है। यहां राप्ती नदी की तेज कटान से करीब 23 किलोमीटर दूर बसा चौक कला गांव अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। नदी ने अब पंचायत भवन की बाउंड्री को भी अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे पूरा गांव खतरे की जद में आ गया है।

‘लाखों का काम, कागजों पर’

स्थानीय ग्रामीणों ने इस गंभीर स्थिति के लिए बाढ़ खंड और प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि गांव को बचाने के लिए करोड़ों रुपये की योजनाएं बनी थीं, लेकिन समय रहते कोई ठोस काम नहीं हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ से पहले जब सुरक्षा दीवार और बांध का निर्माण होना चाहिए था, तब विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि जब नदी की कटान शुरू हुई, तब जाकर आनन-फानन में काम शुरू किया गया, जो अब बेकार साबित हो रहा है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि ये योजनाएं सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहीं और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गईं।

पंचायत भवन खतरे में, ग्रामीणों में डर

गांव में इस समय तनाव का माहौल है। लोग अपनी जमीन और घर बचाने की जद्दोजहद में लगे हैं। नदी की कटान इतनी तेजी से हो रही है कि पंचायत भवन कभी भी नदी में समा सकता है। ग्रामीणों का मानना है कि अगर पंचायत भवन कट गया, तो गांव को भी कटान से बचाना मुश्किल हो जाएगा। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की मुख्य सड़क भी नदी में समा सकती है।

इस पूरे मामले पर जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने कहा कि बाढ़ खंड लगातार काम कर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर कहीं भी लापरवाही या भ्रष्टाचार सामने आता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ने बहुत देर से कदम उठाए हैं और अब हालात को संभालना बेहद मुश्किल है।

Also Read: पत्नी के दसवां संस्कार के बाद पति समेत तीन लोग नदी में डूबे, बहराइच में एक ही परिवार में दोहराया मातम

Get real time updates directly on you device, subscribe now.