यूपी के 5,118 स्कूलों में बालवाटिका की शुरुआत, अब बच्चों की मानसिक सेहत पर रहेगा जोर

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के 5,118 परिषदीय विद्यालयों में आज, शुक्रवार, 15 अगस्त, 2025 से बालवाटिका की विधिवत शुरुआत हो गई है। कम नामांकन वाले स्कूलों को मिलाकर (पेयरिंग) खाली हुए भवनों में इन बालवाटिकाओं को शुरू किया गया है। आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण के साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधि, अभिभावक और अधिकारी भी इस पहल की शुरुआत में शामिल हुए।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य कक्षा एक में प्रवेश लेने से पहले बच्चों को मानसिक और भावनात्मक रूप से तैयार करना है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत ‘स्कूल रेडिनेस’ पर फोकस

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत, 3 से 6 साल के बच्चों की ‘स्कूल रेडिनेस’ को मजबूत करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने यह कदम उठाया है। इसमें महिला व बाल विकास विभाग (आईसीडीएस) के सहयोग से पास के आंगनबाड़ी केंद्रों को इन विद्यालयों में शिफ्ट किया गया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने कहा कि 3 से 6 साल की आयु बच्चों के मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस चरण को पूरा करने के बाद बच्चे कक्षा 1 में प्रवेश के लिए पूरी तरह तैयार हो जाते हैं।

इन बालवाटिकाओं को बच्चों के लिए आकर्षक और सीखने का मजेदार स्थान बनाने के लिए कई सुविधाएं दी गई हैं:

  • बच्चों के लिए खास फर्नीचर और आउटडोर खेल सामग्री।
  • रंगीन कक्षा-कक्ष और लर्निंग कॉर्नर।
  • गतिविधि-आधारित शिक्षण के लिए ‘वंडर बॉक्स’ और अन्य सामग्री।
  • अभ्यास पुस्तिका और स्टेशनरी।

स्कूलों के परिसर की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और सजावट भी इस तरह की गई है ताकि बच्चे इसकी ओर आकर्षित हों। अधिकारियों के अनुसार, यह पहल बच्चों के भविष्य की एक मजबूत नींव रखेगी, जहाँ पोषण, सुरक्षित वातावरण और आनंददायक शिक्षा को प्राथमिकता दी गई है।

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