बांग्लादेश: एक युग का अंत, पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का 80 वर्ष की उम्र में निधन

Sandesh Wahak Digital Desk: बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की कद्दावर नेता खालिदा जिया का मंगलवार को 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की पुष्टि उनकी पार्टी (BNP) द्वारा की गई है। खालिदा जिया लंबे समय से लीवर सिरोसिस, मधुमेह (शुगर) और हृदय रोग जैसी कई गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं।

राजनीतिक सफर: लोकतंत्र की बहाली से सत्ता के शिखर तक

खालिदा जिया का जाना बांग्लादेश की राजनीति के एक बड़े अध्याय का समापन है। उनके जीवन के कुछ महत्वपूर्ण पड़ाव।

ऐतिहासिक नेतृत्व: वह दो बार (1991-1996 और 2001-2006) बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं।

लोकतंत्र की मशाल: 1980 के दशक में सैन्य शासन के खिलाफ उन्होंने सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया और 1991 में देश की पहली महिला पीएम बनकर इतिहास रचा।

पार्टी की कमान: 1981 में पति (पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान) की हत्या के बाद उन्होंने 1984 में BNP का नेतृत्व संभाला और बिखरती हुई पार्टी को एकजुट किया।

‘बैटल ऑफ बेगम्स’: शेख हसीना के साथ प्रतिद्वंद्विता

बांग्लादेश की राजनीति दशकों तक दो महिलाओं के इर्द-गिर्द सिमटी रही—खालिदा जिया और शेख हसीना।

मीडिया में इस राजनीतिक होड़ को ‘बैटल ऑफ बेगम्स’ के नाम से जाना गया।

1990 के बाद से लगभग हर चुनाव में सत्ता इन्हीं दोनों नेताओं के बीच हस्तांतरित होती रही।

हालिया घटनाक्रम

अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए भारी राजनीतिक उलटफेर के बाद खालिदा जिया को जेल से रिहा किया गया था। रिहाई के बाद वह इलाज के लिए लंदन गई थीं और हाल ही में मई में स्वदेश वापस लौटी थीं। उनके बड़े बेटे तारीक रहमान, जो लंबे समय से निर्वासन में थे, इसी महीने देश वापस लौटे हैं।

“खालिदा जिया केवल एक नेता नहीं, बल्कि संघर्ष और सत्ता का प्रतीक थीं। उनका निधन दक्षिण एशिया की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति है।”

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