Bangladesh: मुहम्मद यूनुस का नया कदम, शेख हसीना शासन के अत्याचारों के दस्तावेजीकरण की पहल…

Bangladesh: बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता, मुहम्मद यूनुस, ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के शासनकाल के दौरान हुए कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के दस्तावेजीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों के साथ बैठक में इस दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की है।

संयुक्त राष्ट्र के साथ बैठक

हाल ही में, यूनुस ने संयुक्त राष्ट्र की रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर ग्वेन लुईस और मानवाधिकार विशेषज्ञ हुमा खान के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने शापला चत्तर में प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई, डेलवर हुसैन सईदी के फैसले के बाद हुई पुलिस बर्बरता और अन्य कथित हत्याओं का उल्लेख किया। यूनुस ने कहा कि उचित आर्काइव मैनेजमेंट सिस्टम के बिना सच्चाई जानना और न्याय सुनिश्चित करना मुश्किल है।

संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने मानवाधिकार उल्लंघनों के दस्तावेजीकरण में बांग्लादेश की सहायता करने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने तकनीकी सहायता और क्षमता निर्माण में अपनी विशेषज्ञता की पेशकश की। लुईस ने कहा, “यह अत्याचारों के शिकार लोगों को मरहम लगाने और सत्य-निर्माण की एक प्रक्रिया है।”

रोहिंग्या शरणार्थी संकट पर चर्चा

बैठक में रोहिंग्या शरणार्थियों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। लुईस ने घटती अंतरराष्ट्रीय सहायता पर चिंता व्यक्त की और बताया कि शरणार्थियों की खाद्य आपूर्ति और अन्य बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रति माह 150 लाख अमेरिकी डॉलर की आवश्यकता है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव की आगामी यात्रा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस 13 से 16 मार्च तक बांग्लादेश का दौरा करेंगे। लुईस ने उम्मीद जताई कि गुतारेस की यह यात्रा शरणार्थी संकट पर विश्व का ध्यान आकर्षित करेगी।

पृष्ठभूमि

पिछले वर्ष जुलाई-अगस्त 2024 में हुए विद्रोह के बाद, अवामी लीग के 15 साल के शासन का अंत हुआ और शेख हसीना भारत पलायन कर गईं। इस विद्रोह के दौरान लगभग 1,000 लोग मारे गए थे, जो 1971 के बाद से सबसे भीषण हिंसा थी। इसके बाद, मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार का गठन हुआ, जिसने स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

संयुक्त राष्ट्र की जांच

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के अनुरोध पर, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने अगस्त 2024 में एक तथ्य-खोज मिशन भेजने की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य हालिया हिंसा के दौरान हुए मानवाधिकार उल्लंघनों की जांच करना था। इस मिशन का उद्देश्य उल्लंघनों की रिपोर्टिंग, मूल कारणों का विश्लेषण और न्याय एवं जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए सिफारिशें प्रदान करना था।

बता दे, मुहम्मद यूनुस की यह पहल बांग्लादेश में मानवाधिकारों की रक्षा और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर, यह प्रयास देश में सच्चाई और सुलह की प्रक्रिया को मजबूत करने में सहायक होगा।

 

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