बांग्लादेश में आंदोलनकारी नेता उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा, अखबारों के दफ्तर फूंके
Sandesh Wahak Digital Desk: बांग्लादेश में हालात एक बार फिर बेकाबू हो गए हैं। पिछले साल पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के खिलाफ जन विद्रोह की मशाल थामने वाले प्रमुख नेता और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी का गुरुवार को सिंगापुर में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरा बांग्लादेश सुलग उठा है और कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
हादी की मौत से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने ढाका में देश के दो सबसे बड़े अखबारों, डेली स्टार और प्रोथोम आलो के दफ्तरों को निशाना बनाया। उपद्रवियों ने दफ्तरों में घुसकर तोड़फोड़ की और आग लगा दी। आग लगने के कारण करीब 25 पत्रकार इमारत के अंदर ही फंस गए थे, जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया।
मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने जताया गहरा शोक
अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने राष्ट्र के नाम संबोधन में हादी को फासीवाद के विरुद्ध संघर्ष का अमर सिपाही बताया। उन्होंने कहा, उस्मान हादी का जाना राष्ट्र के लोकतांत्रिक इतिहास में एक ऐसी क्षति है जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता। सरकार उनकी पत्नी और उनके इकलौते बच्चे की पूरी जिम्मेदारी उठाएगी।
शनिवार को बांग्लादेश में एक दिन का राजकीय शोक रहेगा। सभी सरकारी भवनों और विदेशी दूतावासों पर राष्ट्रध्वज आधा झुका रहेगा। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद पूरे देश की मस्जिदों और अन्य धर्मों के पूजा स्थलों पर हादी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जाएगी। यूनुस ने स्पष्ट किया कि हादी की स्थिति के पीछे जिम्मेदार दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।
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