बाराबंकी में भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार, दरोगा और कंप्यूटर ऑपरेटर 25 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के कड़े निर्देशों का असर जमीन पर दिखने लगा है। इसी कड़ी में आज भ्रष्टाचार निवारण संगठन (Anti-Corruption Organization) की अयोध्या इकाई ने बाराबंकी में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक दरोगा और एक कंप्यूटर ऑपरेटर को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
मुल्जिम न बनाने के बदले मांग रहे थे पैसे
पूरा मामला बाराबंकी के थाना बदोसराय से जुड़ा है। यहां के निवासी सूरज कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें एक मामले में आरोपी (मुल्जिम) बनने से बचाने के नाम पर उनसे अवैध रूप से रुपयों की मांग की जा रही है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया और जाल बिछाया। निरीक्षक सुनील कुमार के नेतृत्व में एंटी-करप्शन टीम ने आज छापेमारी की। बाराबंकी के पल्हरी ओवरब्रिज के पास जैसे ही पीड़ित ने रिश्वत की रकम दी, टीम ने घेराबंदी कर दो लोगों को रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपियों में दरोगा सुरेश कुमार (थाना बद्दोसराय, बाराबंकी) और कंप्यूटर ऑपरेटर अशफाक अहमद (संयुक्त निदेशक अभियोजन कार्यालय, बाराबंकी) गिरफ्तार किए गए।
25 हजार लेते पकड़े गए आरोपी
दोनों आरोपियों को पीड़ित से 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही गिरफ्तार किया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दरोगा सुरेश कुमार मूल रूप से उन्नाव के रहने वाले हैं, जबकि कंप्यूटर ऑपरेटर अशफाक अहमद बाराबंकी के ही निवासी हैं।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन की इस कार्रवाई से जिले के पुलिस महकमे और सरकारी दफ्तरों में हड़कंप मच गया है। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी है।
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