Barabanki News: कोतवाल ने जमींदारी अंदाज़ में कहा… नहीं लिखूंगा रिपोर्ट
कार हड़पी, धमकाया… इंसाफ मांगने थाने पहुंचा पीड़ित तो कोतवाल ने रिपोर्ट लिखने से मना कर दिया
Sandesh Wahak Digital Desk: बाराबंकी जिले के मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र में संगीन अपराधों में भी प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज न किए जाने की परंपरा अब सवालों के घेरे में है। एस सी एस टी एक्ट और महिलाओं के खिलाफ गंभीर आरोपों वाले मामलों में भी थाना पुलिस, मुकदमा लिखने से कतराती है और शांति भंग की कार्रवाई कर दोनों पक्षों को पाबंद कर मामला रफा-दफा कर देती है। इसी कड़ी में एक बार फिर कानून के राज का दावा करने वाली पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए, जब कोतवाली मोहम्मदपुर खाला के कोतवाल आशुतोष मिश्रा ने जमींदारी अंदाज़ में फरियादी को दो टूक कह दिया…नहीं लिखूंगा रिपोर्ट।
मामला किराये पर दी गई चार पहिया गाड़ी हड़पने का है, पैसे न देने और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोपों के बावजूद प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया गया। कोतवाली मोहम्मदपुर खाला क्षेत्र के ग्राम घसड़ी निवासी मोहम्मद हारून का आरोप है कि उन्होंने अपनी मारुति फ्रांक्स कार ( यू पी 32 पी ई 8791) को 04 नवंबर 2024 को अवनीश प्रताप सिंह निवासी मोहम्मदपुर गरवा, जिला गोण्डा को 11 महीने के किराया अनुबंध पर दिया था। तय शर्तों के अनुसार मासिक किश्त देनी थी, लेकिन आरोपी ने महज तीन किश्तें देकर भुगतान बंद कर दिया।
पीड़ित को धमकाने का भी आरोप
अनुबंध अवधि समाप्त होने के बाद जब वाहन वापस मांगा गया तो आरोपी ने टालमटोल के बाद गाली-गलौज और धमकियां देना शुरू कर दीं। 20 फरवरी 2025 को पीड़ित को अपनी ही गाड़ी माती क्षेत्र में खड़ी मिली, जहां मौजूद व्यक्ति ने गाड़ी को अपनी बताते हुए उल्टा पीड़ित को ही धमकाया।
फोन पर संपर्क करने पर आरोपी ने गाड़ी लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन कुछ ही देर बाद मोबाइल बंद कर लिया गया। इसके बाद दरियाबाद निवासी अफताब आलम ने फोन कर वाहन सौंपने की बात कही, मगर वह भी संपर्क से बाहर हो गया। पीड़ित का कहना है कि यह पूरा मामला पूर्व नियोजित धोखाधड़ी और वाहन हड़पने की साजिश है।
पीड़ित ने मोहम्मदपुर खाला कोतवाली में दी शिकायत
बता दें कि पीड़ित हारून ने बीती 08 दिसंबर 2025 को कोतवाली मोहम्मदपुर खाला में लिखित प्रार्थना पत्र दिया, जिसके बाद लगातार कोतवाली जाकर रिपोर्ट लिखने की गुहार लगाई, अंतिम बार बीते सोमवार 28 दिसम्बर 2025 को पीड़ित ने कोतवाली जाकर कोतवाल से रिपोर्ट लिखे जाने का पुनः आग्रह किया लेकिन आरोप है कि न तो प्रार्थना पत्र स्वीकार किया गया और न ही मुकदमा दर्ज किया। कोतवाल आशुतोष मिश्रा ने कथित तौर पर जमींदारी अंदाज़ में यह कहकर फरियादी को लौटा दिया कि पुलिस अधीक्षक का आदेश लाओ, तभी रिपोर्ट लिखी जाएगी। अब न्याय से वंचित पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक बाराबंकी से न्याय की गुहार लगाई है, साथ ही चेतावनी दी है कि यदि वहां भी सुनवाई नहीं हुई तो वह मुख्यमंत्री के दरबार में जाकर न्याय मांगेगा।
Also Read: यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट तेज, दिल्ली में CM योगी ने PM मोदी से की मुलाकात

