बाराबंकी के ‘मधुमक्खीवाला’ स्टार्ट-अप को ग्लोबल पहचान, न्यूजीलैंड का प्रतिनिधिमंडल निर्यात में करेगा सहयोग
Sandesh Wahak Digital Desk: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘स्टार्ट-अप प्रोत्साहन’ विजन का परिणाम बाराबंकी जिले के युवा उद्यमी निमित सिंह द्वारा संचालित ‘मधुमक्खीवाला’ फर्म के रूप में सामने आया है। निमित सिंह के शहद उत्पादन मॉडल को अब वैश्विक पहचान मिली है, जिसके तहत न्यूजीलैंड और एपीईडीए (APEDA) के प्रतिनिधिमंडल ने फार्म का निरीक्षण किया।
न्यूजीलैंड से मिला निर्यात का आश्वासन
न्यूजीलैंड की प्राइमरी इंडस्ट्रीज मिनिस्ट्री के प्रतिनिधि ईशन जयवर्धने और एपीईडीए (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) के क्षेत्रीय प्रमुख संदीप साहा ने बाराबंकी स्थित ‘मधुमक्खीवाला’ फार्म का दौरा किया। प्रतिनिधि दल ने निमित सिंह द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक पद्धतियों की सराहना की, जिसमें बिना गर्मी, मिलावट और रसायन के प्राकृतिक शहद का उत्पादन किया जाता है।
ईशन जयवर्धने ने मधुमक्खीवाला के उच्च गुणवत्ता वाले शहद (सरसों, मल्टीफ्लोर, जामुन आदि) को न्यूजीलैंड के जीआई टैग वाले मनुका हनी की तरह वैश्विक स्तर पर ब्रांडिंग और बिक्री में सहयोग देने का आश्वासन दिया। यह निरीक्षण भारत और न्यूजीलैंड के बीच कृषि एवं शहद उत्पादन में सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकारी नीतियों ने दी उड़ान
‘मधुमक्खीवाला’ के संस्थापक निमित सिंह ने बताया कि उन्होंने यह स्टार्ट-अप वर्ष 2014 में शुरू किया था। वर्ष 2017 से उत्तर प्रदेश में सीएम स्वरोजगार योजना, सीएम युवा उद्यमी योजना और उद्यान विभाग के सहयोग से बने सकारात्मक वातावरण ने उनके उत्पाद को ग्लोबल पहचान दिलाने में मदद की है। निमित सिंह को इससे पहले गवर्नर अवॉर्ड और प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी सम्मानित किया जा चुका है। यह फर्म मधुमक्खी पालन को न केवल स्थायी आजीविका का साधन, बल्कि सा
मुदायिक विकास का माध्यम भी बना रही है।
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