बरेली: कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे अलंकार अग्निहोत्री, बोले- DM बताएं जातिगत टिप्पणी करने वाला कौन?
Sandesh Wahak Digital Desk: बरेली जिले में सिटी मजिस्ट्रेट के पद से त्यागपत्र देने वाले अलंकार अग्निहोत्री ने अब सीधे तौर पर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को दिन भर कलेक्ट्रेट परिसर में गहमागहमी बनी रही। अलंकार अग्निहोत्री अपने समर्थकों के साथ डीएम से मिलने अड़े रहे और मांग की कि उनके खिलाफ जातिगत टिप्पणी करने वाले शख्स का नाम सार्वजनिक किया जाए।
कलक्ट्रेट में नारेबाजी और धरना
अलंकार अग्निहोत्री मंगलवार सुबह 11:30 बजे ही कलेक्ट्रेट गेट पर जमीन पर बैठकर धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बाद जब जिलाधिकारी (DM) से मुलाकात नहीं हुई, तो वे अपने आवास लौट गए। लेकिन दोपहर 3:30 बजे वे दोबारा समर्थकों के साथ पहुंचे। डीएम के चेंबर के बाहर बरामदे में जमकर नारेबाजी हुई। अलंकार ने स्पष्ट कहा, “सोमवार को डीएम से फोन पर बात करते हुए किसी ने मेरे खिलाफ जातिगत टिप्पणी की थी। जिलाधिकारी उस व्यक्ति का नाम बताएं, पूरे देश को सच पता चलना चाहिए।”
सिर्फ इस्तीफा नहीं, विचारधारा की लड़ाई
अलंकार अग्निहोत्री का यह विरोध केवल प्रशासनिक नहीं रह गया है। वे UGC कानून के नए प्रावधानों और प्रयागराज में शंकराचार्य के साथ हुई कथित घटना को लेकर भी काफी मुखर हैं। उनके समर्थन में अब विभिन्न सवर्ण संगठन और हिंदूवादी नेता भी एकजुट होने लगे हैं।
अलंकार अग्निहोत्री के निलंबन के बाद शहर का माहौल गरमा गया है। बरेली के दामोदर स्वरूप पार्क में तमाम संगठनों के पदाधिकारियों ने जुटना शुरू कर दिया है। वहां टेंट लगाए जा रहे हैं और बेमियादी धरने की तैयारी है। हिंदू संगठन के नेता पंकज पाठक ने आरोप लगाया कि यूजीसी कानून के बहाने हिंदू समाज को बांटने की कोशिश की जा रही है, जिसका वे डटकर विरोध करेंगे।
प्रशासनिक खेमे में हलचल
एक तरफ जहां अलंकार अग्निहोत्री डीएम से आमने-सामने की बात करने पर अड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है। शासन द्वारा निलंबन की कार्रवाई ने आग में घी डालने का काम किया है, जिससे यह विवाद अब बरेली की गलियों से निकलकर लखनऊ तक चर्चा का विषय बन गया है।
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