बरेली में निलंबित PCS अफसर के खिलाफ फूटा गुस्सा, अलंकार अग्निहोत्री की बर्खास्तगी और संपत्ति जांच की उठी मांग

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के बरेली में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी करते हुए पहुंचे कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि एक संवैधानिक पद पर रहते हुए अधिकारी ने प्रशासनिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर जाति विशेष के लिए काम किया।

कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

भीम आर्मी (भारत एकता मिशन) के जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल सागर और मंडल उपाध्यक्ष आकाश सागर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां उन्होंने एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव को मुख्यमंत्री के नाम सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि अलंकार अग्निहोत्री को केवल निलंबित न रखा जाए, बल्कि उन्हें सरकारी सेवा से तुरंत बर्खास्त किया जाए।

‘सरकारी दफ्तर को बना दिया निजी कार्यालय’

भीम आर्मी के नेताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अलंकार अग्निहोत्री तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर रहते हुए कथित रूप से जाति आधारित गतिविधियों में शामिल रहे। पदाधिकारियों का कहना है कि जॉइनिंग के बाद से ही अग्निहोत्री अपने कार्यालय में एक विशेष समाज के नेताओं और युवाओं के साथ नियमित बैठकें करते थे।

आरोप है कि व्हाट्सएप समूहों और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से एक विशेष नेटवर्क तैयार किया गया, जिससे प्रशासनिक निष्पक्षता भंग हुई। भीम आर्मी का कहना है कि उन्होंने सरकारी दफ्तर का इस्तेमाल अपने निजी और जातीय उद्देश्यों को साधने के लिए किया।

UGC विवाद और संपत्ति जांच की मांग

प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि यूजीसी 2026 के खिलाफ चल रहे माहौल के बीच अलंकार अग्निहोत्री द्वारा दिया गया इस्तीफा महज एक दिखावा या दबाव की रणनीति हो सकता है। भीम आर्मी ने मांग की है कि अधिकारी की अब तक की कमाई और संपत्ति की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।

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