Bareilly News: 15 करोड़ के कृषि घोटाले की जांच सवालों के घेरे में, पूर्व BJP विधायक ने शासन से की शिकायत

Sandesh Wahak Digital Desk: बरेली में कृषि और भूमि संरक्षण विभाग में हुए 15 करोड़ रुपये से ज़्यादा के घोटाले की जांच सवालों के घेरे में आ गई है। प्रमुख सचिव कृषि के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच टीम पर पक्षपात का आरोप लगा है। यह टीम 29 जुलाई को आने वाली थी, लेकिन 5 अगस्त को पहुँची और पहले दिन एक होटल में रुककर विभागीय अधिकारियों से गोपनीय तरीके से मिली।

गोपनीय बैठक के बाद हरकत में आया प्रशासन

पूर्व भाजपा विधायक राजेश कुमार मिश्रा ‘पप्पू भरतौल’ ने इसकी जानकारी शासन के एक बड़े अधिकारी को दी। इसके बाद शासन ने जांच टीम और कृषि विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। अगले दो दिनों तक जांच टीम ने आनन-फानन में कुछ गाँवों में काम देखकर खानापूर्ति की। टीम ने नवरंगपुर, जैतपुर शरीफपुर, पराउद्दीनपुर जैसे गाँवों में किसान समृद्धि और WDC योजना के कामों का निरीक्षण किया।

घोटाले वाले गाँवों में नहीं गई टीम

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जांच टीम उन गाँवों में गई ही नहीं, जहाँ सबसे ज्यादा घपले की शिकायतें थीं। किटोना, सेंधा, कुंडारिया इगलास और नौगवां ठाकुरान जैसे गाँवों में कच्चे और पक्के कामों की गहन जांच नहीं की गई। इससे पहले मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने भी इस मामले में TAC (Technical Audit Committee) जांच कराई थी, जिसमें काम की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई थी। उस जांच में दोयम दर्जे की ईंटें और सीमेंट की जगह रेत के इस्तेमाल का खुलासा हुआ था।

जल्द सौंपी जाएगी रिपोर्ट

जांच टीम ने फिलहाल भौतिक सत्यापन के बाद डिप्टी डायरेक्टर कृषि के कार्यालय में अभिलेखों की जांच शुरू कर दी है। टीम के सदस्य योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी। वहीं, पहले की जांच में पूर्व बीएसए संजय सिंह दोषी पाए गए थे। इस जांच टीम में एडिशनल डायरेक्टर टीएम त्रिपाठी, वाईपी सिंह और विशाल सिंह शामिल थे।

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