बरेली पुलिस का ‘ऑपरेशन रडार’, जमानत पर छूटे अपराधियों की हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी
Sandesh Wahak Digital Desk: बरेली जिले में अपराध पर प्रभावी रोक लगाने के लिए बरेली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य के निर्देशन में अब जमानत पर जेल से बाहर आए अपराधियों की हर गतिविधि पुलिस की रडार पर है। पुलिस की इस सख्त निगरानी से आपराधिक जगत में खलबली मच गई है।
निगरानी की व्यापक रणनीति
पुलिस ने जमानत पर छूटे और सक्रिय अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए व्यापक निगरानी व्यवस्था लागू की है। पुलिस यह जानकारी जुटा रही है कि अपराधी किससे मिल रहे हैं, कहाँ आ-जा रहे हैं, और किन गतिविधियों में शामिल हैं। निगरानी में मोबाइल सर्विलांस, रोजाना लोकेशन ट्रैकिंग और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग शामिल है।
सभी थानों को ऐसे अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलने और अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, सक्रिय अपराधियों का क्राइम चार्ट भी तैयार किया जा रहा है। अपराधियों के पुराने संपर्कों और नए मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सख्त संदेश और कानूनी चेतावनी
एसएसपी अनुराग आर्य का स्पष्ट संदेश है कि “जमानत का मतलब आज़ादी नहीं, बल्कि कड़ी पुलिस निगरानी में रहना है।” हाल ही में, पुलिस ने माफिया अतीक अहमद के भाई के मददगार लल्ला गद्दी सहित कई बड़े और सक्रिय अपराधियों पर शिकंजा कसकर सख्ती का संदेश दिया है।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि जमानत पर छूटे अपराधी दोबारा किसी आपराधिक गतिविधि में सक्रिय पाए गए, तो उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उनकी संपत्ति जब्ती भी सुनिश्चित है। पुलिस की लगातार कार्रवाई के कारण अपराधियों में भय का माहौल है, और कई बदमाश इलाके से बाहर भागने की फिराक में बताए जा रहे हैं।
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