बरेली: साक्ष्यों के साथ मौत की गवाही दे गया रजत, 5 लोगों पर हत्या का आरोप, रिकॉर्डिंग बनी सबूत
Sandesh Wahak Digital Desk: बरेली के आंवला इलाके से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। एक युवक ने दम तोड़ने से पहले साहस दिखाते हुए न केवल अपने हत्यारों के नाम बताए, बल्कि मौत के मुंह में होने के बावजूद पुलिस को फोन कर अपनी गवाही रिकॉर्ड की।
इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक घटना में ग्राम उरला के युवक रजत चौहान की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि रास्ते में रोककर कुछ लोगों ने उसे जबरन जहर पिला दिया। लेकिन मरते-मरते भी रजत ने जो किया, वह अब उन पांच आरोपियों के लिए गले की फांस बन गया है जिन्हें उसने नामजद किया है।

घात लगाकर बैठे थे हमलावर
बुधवार सुबह करीब 9:15 बजे रजत अपनी बाइक से किसी काम के लिए घर से निकला था। पचपेड़ा आंवला-वजीरगंज रोड पर पहले से घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उसे रोक लिया। परिजनों का आरोप है कि वहां एक गांव के चार पुरुषों और एक महिला ने मिलकर पहले रजत को पीटा और फिर जबरन उसके गले में जहरीला पदार्थ उतार दिया।
मरते-मरते भी नहीं हारी हिम्मत
रजत की हिम्मत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जहर शरीर में फैलने के बावजूद उसने हार नहीं मानी। उसने तुरंत 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को हमले की जानकारी दी। इतना ही नहीं, उसने अपने भाई रवि के मोबाइल पर एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी छोड़ी, जिसमें उसने एक-एक हमलावर का नाम लिया। जब तक उसके पिता रामवीर सिंह मौके पर पहुंचे, रजत की हालत बिगड़ चुकी थी, लेकिन उसने अपनी आखिरी सांसों तक वही बयान दोहराया।

हॉस्पिटल में थमी सांसें, परिवार में मातम
परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन जहर का असर गहरा हो चुका था। करीब 11:15 बजे इलाज के दौरान रजत ने दम तोड़ दिया। जवान बेटे की मौत से परिवार का चिराग बुझ गया है और पूरे गांव में भारी आक्रोश है।

पुलिस को सौंपी गई तहरीर
पिता रामवीर सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में पांचों नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पुलिस अब रजत द्वारा छोड़ी गई उस डिजिटल गवाही (ऑडियो रिकॉर्डिंग) को मुख्य साक्ष्य मानकर मामले की जांच कर रही है।
रिपोर्ट: रंजीत बिसारिया
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