Bareilly: नकली वेबसाइटों से प्रमाण पत्र बनाने वाले दो शातिरों को STF ने दबोचा, पूछताछ में हुआ खुलासा

Sandesh Wahak Digital Desk: यूपी एसटीएफ को 6 मई (मंगलवार) को एक बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने फर्जी वेबसाइटों, सॉफ्टवेयर और पोर्टल के माध्यम से अंतर्राज्यीय स्तर पर कूटरचित जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले एक संगठित गिरोह के दो सदस्यों को बरेली से गिरफ्तार किया है। शातिरों को दिलजीत इंटरनेट कैफे, कस्बा देवचरा, से शाम तकरीबन सात बजे गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार अभियुक्त:

देव सिंह पुत्र महेन्द्रपाल सिंह, निवासी ग्राम – खेड़ा, थाना भमोरा, जनपद बरेली।

रवि सिंह पुत्र महेन्द्रपाल सिंह, निवासी ग्राम – खेड़ा, थाना भमोरा, जनपद बरेली।

बरामदगी:

  • 02 लैपटॉप
  • 01 आधार कार्ड
  • 01 एटीएम कार्ड
  • 03 मोबाइल फोन
  • 26 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र
  • 04 मृत्यु प्रमाण पत्र
  • नगद ₹ 2,000/- (दो हजार रुपये)

पूछताछ में खुलासा

गिरफ्तार अभियुक्त रवि सिंह और देव सिंह ने पूछताछ में बताया कि वे साइबर कैफे चलाते हैं। देव सिंह रामभरोसे इंटर कॉलेज में इतिहास का अध्यापक भी है। उन्होंने अपनी आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए नलाइन फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का कार्य शुरू किया था।

अभियुक्तों ने बताया कि वे फेसबुक के माध्यम से फर्जी पोर्टल बनाने वालों से संपर्क कर पोर्टल बनवाते थे। फिर फेसबुक के माध्यम से विभिन्न ग्रुपों में जुड़कर जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के विज्ञापन में अपना मोबाइल नंबर देते थे। इच्छुक व्यक्ति व्हाट्सएप के माध्यम से उनसे जुड़ते थे, जिन्हें वे पोर्टल का लिंक (https://www.google.com/search?q=https://dc.crsorgi.gov.in.indesx.cloud/register.php) भेजते थे।

इस लिंक को खोलने पर रजिस्ट्रेशन के लिए मोबाइल नंबर/ईमेल मांगा जाता था। अगले पेज पर रिचार्ज वॉलेट का विकल्प आता था, जिसमें एक क्यूआर कोड प्रदर्शित होता था। इस क्यूआर कोड को स्कैन करने पर संबंधित व्यक्ति के खाते से ₹ 200 ऑनलाइन कट जाते थे और उनके वॉलेट में यह रिचार्ज प्रदर्शित होने लगता था। इसके बाद बर्थ ऑप्शन पर क्लिक करके राज्य चुनकर और रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरकर तत्काल जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र डाउनलोड किया जा सकता था। इसके लिए किसी भी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होती थी।

वित्तीय लेनदेन का खुलासा

अभियुक्तों द्वारा उपयोग किए जा रहे पोर्टल पर प्रदर्शित क्यूआर कोड से जुड़े बैंक खाते की जानकारी करने पर पता चला कि पिछले 3 वर्षों में इस खाते में 28 लाख रुपये से अधिक की धनराशि क्रेडिट हुई है, जिसे अभियुक्तों द्वारा अवैध रूप से जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर अर्जित किया गया था।

कानूनी कार्यवाही

गिरफ्तार अभियुक्त रवि सिंह और देव सिंह के विरुद्ध थाना भमोरा, जनपद बरेली में मु0अ0सं0-205/2025 धारा 318 (4), 319 (2), 336 (3), 338 बीएनएस व 73, 74, 66 सी एवं 66 डी सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की विधिक कार्यवाही स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।

एसटीएफ की सक्रियता

विगत काफी समय से फर्जी वेबसाइट, सॉफ्टवेयर व पोर्टल के माध्यम से कूटरचित जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने और इन्हीं प्रमाण पत्रों के माध्यम से कूटरचित आधार कार्ड, पासपोर्ट आदि बनाने तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का अनाधिकृत तरीके से लाभ, फर्जी बैनामा व वसीयत में प्रयोग किए जाने संबंधी सूचनाएं मिल रही थीं। फर्जी जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले संगठित गिरोह द्वारा सैकड़ों की संख्या में फर्जी पोर्टल विकसित कर फर्जी प्रमाण पत्र बनाए जा रहे थे।

इस संबंध में एसटीएफ की विभिन्न टीमों/इकाइयों को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था। इसी क्रम में प्रमेश कुमार शुक्ल, पुलिस उपाधीक्षक, एसटीएफ, के निकट पर्यवेक्षण में कार्य कर रही एसटीएफ फील्ड इकाई अयोध्या द्वारा अभिसूचना संकलन की कार्यवाही प्रारंभ की गई और अभिसूचना तंत्र को सक्रिय किया गया।

उपरोक्त क्रम में उप निरीक्षक सौरभ मिश्रा के नेतृत्व में मुख्य आरक्षी अंजनी यादव, मुख्य आरक्षी विमलेन्द्र मोहन मिश्र, मुख्य आरक्षी महेश पाण्डेय की टीम दिनांक 06-05-2025 को जनपद बरेली में मौजूद थी। टीम ने मुखबिर को सक्रिय किया और स्थानीय एसटीएफ फील्ड यूनिट बरेली का सहयोग प्राप्त करते हुए मुखबिर की निशानदेही एवं अन्य अभिसूचना/इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य संकलन के आधार पर 02 अभियुक्तों को बरेली से गिरफ्तार कर लिया गया।

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