बरेली: भ्रष्टाचार और अवैध खनन की भेंट चढ़ी गांव की सड़क, दलदल में फंसी जिंदगी, प्रशासन बेखबर
Sandesh Wahak Digital Desk: बरेली जिले के बिथरी विधानसभा के गांव बिहारीपुर में इन दिनों सड़क ढूंढना नामुमकिन सा हो गया है। यहां की मुख्य सड़क अब सड़क नहीं, बल्कि मिट्टी और कीचड़ का एक जानलेवा दलदल बन चुकी है। इस समस्या के कारण न केवल स्थानीय ग्रामीण परेशान हैं, बल्कि राहगीरों को जिला मुख्यालय जाने के लिए 10 किलोमीटर का लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है।
अवैध खनन ने बना दिया ‘मौत का जाल’
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि खजुरिया संपत और वहगुलपुर में बड़े पैमाने पर अवैध खनन चल रहा है। दिन-रात मिट्टी ढोने वाले ओवरलोड डंपर और ट्रैक्टर-ट्रालियों ने सड़क को तहस-नहस कर दिया है।
ग्रामीणों ने याद दिलाया कि पिछले दिनों इसी मिट्टी से दबकर सहजनपुर में मां-बेटी की दर्दनाक मौत हो चुकी है। घरों में हर वक्त धूल और मिट्टी जमी रहती है, जिससे संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है। गांव के विमलपुरी, अमोद कुमार शर्मा और राजू यादव जैसे स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन को सब पता है, लेकिन सब ‘जानबूझकर’ चुप हैं। ग्रामीणों ने स्थानीय नेताओं से भी गुहार लगाई, लेकिन नतीजा वही ‘ढाक के तीन पात’ रहा। आलम यह है कि दो पहिया वाहन तो दूर, पैदल चलना भी यहां अब दूभर हो गया है।
क्या है ग्रामीणों की मांग?
गांव वालों का कहना है कि यह समस्या कोई बड़ी नहीं है, अगर प्रशासन चाहे तो इसे कुछ ही घंटों में दुरुस्त किया जा सकता है। लेकिन अधिकारियों की अनदेखी ने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। उनमें इस बात को लेकर भारी रोष है कि आखिर किसकी शह पर यह अवैध खनन जारी है और लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
रिपोर्ट: रंजीत बिसारिया
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