महिला सम्मान पर संग्राम: लखनऊ में समाजवादी महिला सभा का कलेक्ट्रेट पर ‘हल्ला बोल’
Sandesh Wahak Digital Desk: महिला अस्मिता और सम्मान के मुद्दे पर समाजवादी महिला सभा ने सोमवार को राजधानी लखनऊ के कलेक्ट्रेट पर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्रियों के कथित महिला विरोधी बयानों के खिलाफ नारेबाजी की और जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
विरोध के मुख्य मुद्दे और आरोप
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने मुख्य रूप से तीन बड़े मुद्दों पर सरकार और सत्ताधारी नेताओं को घेरा। उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा एक मुस्लिम महिला का हिजाब खींचने की कथित घटना को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी रोष दिखा। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों पर आघात बताया।
केंद्र सरकार में मंत्री गिरिराज सिंह और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद द्वारा दी गई कथित महिला विरोधी टिप्पणियों की कड़े शब्दों में निंदा की गई। जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण में महिलाओं का अपमान हो रहा है और सरकार इन गंभीर कृत्यों पर मौन साधे हुए है।

राष्ट्रपति से मांगें और चेतावनी
समाजवादी महिला सभा की पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें रखीं। हिजाब खींचने की घटना की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। महिला विरोधी बयान देने वाले मंत्रियों से देश की महिलाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाई जाए। भविष्य में जनप्रतिनिधियों द्वारा महिलाओं के प्रति अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल को रोकने के लिए कड़ा कानून बनाया जाए।
सपा महिला सभा नेतृत्व ने कहा कि जब संवैधानिक पदों पर बैठे लोग ही महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाएंगे, तो समाज में उनकी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? अगर अनदेखी जारी रही, तो यह आंदोलन और भी उग्र होगा।
प्रदर्शन की झलकियां
कलेक्ट्रेट परिसर में बड़ी संख्या में महिलाएं हाथों में तख्तियां लेकर पहुंची थीं। इन तख्तियों पर “महिला सम्मान बचाओ”, “संविधान की रक्षा करो” और “महिला विरोधी सरकार होश में आओ” जैसे नारे लिखे थे।
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