BCCI Grades: कितने ग्रेड में खिलाड़ियों को बांटता है बोर्ड, किसे मिलती है कितनी सैलरी?
Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने हाल ही में घरेलू क्रिकेट में पुरुष और महिला खिलाड़ियों के लिए समान मैच फीस की घोषणा कर बड़ा कदम उठाया है।
बोर्ड के फैसले के मुताबिक, अब घरेलू वनडे और बहुदिवसीय मुकाबलों में महिला खिलाड़ियों को प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होने पर 50 हजार रुपये प्रतिदिन मिलेंगे।
इसी बीच यह जानना जरूरी हो जाता है कि बीसीसीआई खिलाड़ियों को किस ग्रेड में रखता है और हर ग्रेड में कितनी सैलरी मिलती है।
पुरुष क्रिकेटरों का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम

बीसीसीआई पुरुष क्रिकेटरों को अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम के तहत चार ग्रेड—A+, A, B और C में बांटता है। यह ग्रेडिंग खिलाड़ी के प्रदर्शन, निरंतरता, फिटनेस और राष्ट्रीय टीम में भूमिका के आधार पर तय की जाती है।
ग्रेड A+
इस ग्रेड में शामिल खिलाड़ियों को सालाना 7 करोड़ रुपये मिलते हैं। यह कैटेगरी उन खिलाड़ियों के लिए होती है जो सभी फॉर्मेट में टीम इंडिया के ऑटोमैटिक चयन माने जाते हैं। रोहित शर्मा, विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह इस टॉप ग्रेड का हिस्सा हैं।
ग्रेड A
ग्रेड A के खिलाड़ियों को 5 करोड़ रुपये सालाना मिलते हैं। इसमें ऐसे सीनियर और मल्टी-फॉर्मेट खिलाड़ी शामिल होते हैं जो राष्ट्रीय टीम के नियमित सदस्य हैं। केएल राहुल, शुभमन गिल और हार्दिक पांड्या इस ग्रेड में आते हैं।
ग्रेड B
इस ग्रेड के खिलाड़ियों को 3 करोड़ रुपये सालाना सैलरी दी जाती है। इसमें वे खिलाड़ी शामिल होते हैं जो किसी एक या दो फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हों या सभी फॉर्मेट में नियमित बनने की ओर बढ़ रहे हों। सूर्यकुमार यादव, कुलदीप यादव और यशस्वी जायसवाल इस श्रेणी में शामिल हैं।
ग्रेड C
ग्रेड C में शामिल खिलाड़ियों को 1 करोड़ रुपये सालाना मिलते हैं। इसमें उभरते हुए खिलाड़ी और ऐसे क्रिकेटर होते हैं जिन्हें टीम की जरूरत के हिसाब से मौका दिया जाता है। रिंकू सिंह, संजू सैमसन और तिलक वर्मा इसी ग्रेड का हिस्सा हैं।
महिला क्रिकेटरों का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम

बीसीसीआई महिला क्रिकेटरों के लिए तीन ग्रेड—A, B और C का सिस्टम लागू करता है। हालांकि पुरुषों की तुलना में कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू कम है।
लेकिन घरेलू मैच फीस को बराबर करने का हालिया फैसला समानता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
ग्रेड A
इस ग्रेड की महिला खिलाड़ियों को 50 लाख रुपये सालाना मिलते हैं। हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना इस श्रेणी में शामिल हैं।
ग्रेड B
ग्रेड B की खिलाड़ियों को 30 लाख रुपये सालाना मिलते हैं। जेमिमा रोड्रिग्स, ऋचा घोष, शेफाली वर्मा और रेणुका ठाकुर इस ग्रुप का हिस्सा हैं।
ग्रेड C
इस ग्रेड की महिला खिलाड़ियों को 10 लाख रुपये सालाना दिए जाते हैं। यास्तिका भाटिया, राधा यादव, प्रियंका पाटील और पूजा वस्त्राकर जैसी उभरती प्रतिभाएं इसमें शामिल हैं।
बीसीसीआई का मानना है कि यह ग्रेडिंग सिस्टम खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करता है और घरेलू क्रिकेट को आर्थिक रूप से मजबूत बनाता है।
जबकि महिला खिलाड़ियों के लिए बढ़ाई गई फीस समान अवसरों की दिशा में बड़ा बदलाव मानी जा रही है।

