BCCI का नया मास्टरस्ट्रोक, टीम इंडिया की स्पॉन्सरशिप से 3 साल में होगी बंपर कमाई
Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अब जल्द ही टीम इंडिया के लिए नए टाइटल स्पॉन्सर का चयन करेगा।
ड्रीम11 के साथ करार समाप्त होने के बाद, बोर्ड ने 16 सितंबर को नए स्पॉन्सर के चयन के लिए बोली प्रक्रिया आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस करार से अगले तीन वर्षों में BCCI को 400 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई होने का अनुमान है।
बढ़ाई गई बेस प्राइस, टारगेट ज्यादा कमाई का
BCCI ने नए स्पॉन्सरशिप करार के लिए बेस प्राइस में इजाफा किया है। अब:
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द्विपक्षीय सीरीज (जब भारत किसी एक देश के साथ खेलेगा) के लिए: ₹3.5 करोड़ प्रति मैच
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मल्टी-टीम टूर्नामेंट (जैसे एशिया कप, वर्ल्ड कप आदि) के लिए: ₹1.5 करोड़ प्रति मैच
पहले यह रकम क्रमशः ₹3.17 करोड़ और ₹1.12 करोड़ प्रति मैच थी। यानी, बोर्ड ने कम से कम 10% अधिक कमाई का लक्ष्य तय किया है।

तीन साल के लिए होगा करार
BCCI ने यह स्पष्ट किया है कि वह अस्थायी या शॉर्ट-टर्म डील नहीं चाहता, बल्कि एक स्थायी तीन साल का करार करने की योजना में है।
इस अवधि में भारतीय टीम लगभग 130 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेगी, जिसमें 2026 T20 वर्ल्ड कप और 2027 ODI वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट भी शामिल हैं।
स्पॉन्सर को मिलेगा लोगो का फायदा
द्विपक्षीय मैचों में टाइटल स्पॉन्सर को ज्यादा प्रमोशनल बेनिफिट मिलता है क्योंकि इन मैचों में कंपनी का लोगो भारतीय खिलाड़ियों की जर्सी के सामने नजर आता है।
वहीं, ICC या ACC टूर्नामेंट्स में लोगो सिर्फ जर्सी की बाजू पर लगाया जाता है।
ड्रीम11 के साथ करार क्यों टूटा?
ड्रीम11 पहले टीम इंडिया का टाइटल स्पॉन्सर था, लेकिन ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े नए कानूनों के चलते यह करार समाप्त कर दिया गया। इसके बाद से ही BCCI नए स्पॉन्सर की तलाश में है।
कौन-कौन सी कंपनियां नहीं कर सकेंगी बोली
BCCI ने 2 सितंबर को जारी निर्देशों में कुछ उद्योगों को बोली प्रक्रिया से बाहर रखा है:
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बेटिंग, गेमिंग, क्रिप्टोकरेंसी और तंबाकू कंपनियां
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जर्सी मैन्युफैक्चरर्स, बैंक, कोल्ड ड्रिंक्स, इंश्योरेंस, मिक्सर-ग्राइंडर, ताले, पंखे और कुछ फाइनेंशियल कंपनियां
इनमें से अधिकांश उत्पाद या सेवाएं पहले से ही BCCI के अन्य स्पॉन्सर्स से जुड़ी हुई हैं, इसलिए इनकी बोली स्वीकार नहीं की जाएगी।
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