BCCI की नई नीति से बढ़ी रोहित-विराट की चुनौती, विजय हजारे ट्रॉफी से तय होगा वनडे भविष्य
Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज, रोहित शर्मा और विराट कोहली, भले ही वनडे फॉर्मेट में अभी भी सक्रिय हों, लेकिन उनके भविष्य पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
टी20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके इन खिलाड़ियों की वनडे टीम में स्थायी जगह अब BCCI की नई शर्तों और गौतम गंभीर के ‘स्टार कल्चर खत्म करने’ के विजन पर निर्भर हो सकती है।
रणजी ट्रॉफी के बाद अब विजय हजारे ट्रॉफी पर निगाहें टिक गई हैं। सूत्रों के अनुसार, BCCI अब यह नीति अपनाने जा रही है कि इंटरनेशनल क्रिकेट से ब्रेक पर रहने वाले खिलाड़ी घरेलू टूर्नामेंट में हिस्सा लें।
ऐसे में रोहित और कोहली को भी विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने के लिए कहा जा सकता है।
गौरतलब है कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप खेलने की इच्छा दोनों खिलाड़ियों ने सार्वजनिक रूप से जताई है, लेकिन बोर्ड अब युवा खिलाड़ियों को प्राथमिकता देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

यदि रोहित और कोहली घरेलू टूर्नामेंट्स में भाग नहीं लेते हैं, तो अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया दौरा उनका अंतिम वनडे सीरीज़ बन सकता है।
गंभीर के नेतृत्व में बदलती प्राथमिकताएं
टीम इंडिया के नए मुख्य कोच बने गौतम गंभीर भारतीय क्रिकेट में ‘स्टार कल्चर’ को खत्म करने की दिशा में काम कर रहे हैं। सूत्रों का मानना है कि वे प्रदर्शन के आधार पर चयन को प्राथमिकता देंगे, नाम के आधार पर नहीं।
ऐसे में विराट और रोहित को टीम में बने रहने के लिए घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करना जरूरी हो सकता है।
कोहली और रोहित का अब तक का घरेलू रिकॉर्ड
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विराट कोहली ने 2009 में विजय हजारे ट्रॉफी में 534 रन बनाकर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी के रूप में अपनी छाप छोड़ी थी।
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रोहित शर्मा ने 2016 से 2018 के बीच इस टूर्नामेंट में कई बार भाग लिया है और शानदार पारियां खेली हैं।
क्या फिर दिखेंगे घरेलू मैदान पर?
रणजी ट्रॉफी में रोहित और कोहली की वापसी ने जहां रिकॉर्ड दर्शक संख्या देखी, वहीं अब विजय हजारे ट्रॉफी में भी फैंस को इन स्टार्स की झलक मिल सकती है — बशर्ते वे अपने वनडे करियर को आगे बढ़ाना चाहते हों।
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