Health tips: गर्मियों में अचानक बढ़ जाता है ब्लड प्रेशर तो हो जाएं सतर्क, जानें विशेषज्ञ की सलाह
Health tips: गर्मी का मौसम आते ही हमारे शरीर पर इसका असर साफ नजर आने लगता है। गर्मी के मौसम में दिनचर्या बदल जाती है। खाने-पीने से लेकर सोने-जागने तक सब कुछ प्रभावित होता है। इस मौसम में थकान, पसीना, चिड़चिड़ापन और नींद की कमी आम हो जाती है। लेकिन कई बार यह गर्मी दिल और रक्तचाप (बीपी) पर भी असर डालती है, जिससे कुछ लोगों को अचानक हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप की शिकायत हो सकती है।
अगर आपको भी गर्मियों में अचानक बीपी बढ़ने की समस्या हो रही है, तो सतर्क रहना जरूरी है। इस बारे में हमने बातचीत की वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कात्याल से, जिन्होंने बताया कि गर्मियों में हाई बीपी क्यों होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
गर्मियों में क्यों बढ़ता है बीपी
डॉ. कात्याल बताते हैं कि गर्मी और उमस की वजह से शरीर से बहुत ज्यादा पसीना निकलता है, जिससे शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाती है। इस स्थिति को डिहाइड्रेशन कहा जाता है। डिहाइड्रेशन के कारण रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे बीपी अचानक बढ़ सकता है। इसके अलावा, कैफीन, मीठे पेय और तैलीय भोजन का अधिक सेवन भी बीपी को असंतुलित कर सकता है। यदि व्यक्ति पहले से ही बीपी के मरीज हैं तो गर्मी के दिनों में यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
बीपी कंट्रोल रखने के लिए क्या करें
पानी की कमी न होने दें- दिनभर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें, चाहे प्यास न भी लगे।
नारियल पानी और फलों का सेवन करें- खासकर ऐसे फल जो मीठे और नमक से मुक्त हों, जैसे तरबूज, खीरा, संतरा आदि।
कैफीन और सोडा से परहेज करें- चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक्स से दूरी बनाएं।
हल्का और सुपाच्य भोजन करें- बहुत ज्यादा मसालेदार या नमकयुक्त खाना न खाएं।
धूप में जाने से बचें- खासकर दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से परहेज करें।
तनाव से बचें और नींद पूरी करें- नींद की कमी भी बीपी बढ़ा सकती है।
यदि बीपी अचानक बढ़ जाए तो क्या करें
अगर आपको अचानक घबराहट, सांस फूलना, बेचैनी, चक्कर या सिर दर्द जैसा कुछ महसूस हो रहा है, तो यह हाई बीपी के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत नियमों का पालन करें-
सबसे पहले किसी ठंडे स्थान पर जाएं।
ठंडा लेकिन बहुत बर्फ वाला नहीं, थोड़ा सामान्य ठंडा पानी पिएं।
शरीर को आराम और ठंडक देने की कोशिश करें।
यदि लक्षण बने रहें, तो तुरंत बीपी की जांच करें।
ज़्यादा देर न करें और डॉक्टर से संपर्क करें।
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