देश के इस राज्य में भीख मांगने पर लगी पाबंदी, विधानसभा में पास हुआ विधेयक

Sandesh Wahak Digital Desk: मिजोरम सरकार ने राज्य में भीख मांगने पर प्रतिबंध लगाने वाला एक विधेयक, ‘मिजोरम भिक्षावृत्ति निषेध विधेयक, 2025’, पारित कर दिया है। यह विधेयक विपक्षी सदस्यों की आपत्तियों के बीच विधानसभा में पास हुआ।

भीख पर रोक और पुनर्वास

राज्य की समाज कल्याण मंत्री लालरिनपुई ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य केवल भीख मांगने पर रोक लगाना नहीं है, बल्कि भिखारियों को अस्थायी आजीविका विकल्प प्रदान कर उनका पुनर्वास करना भी है। उन्होंने बताया कि मिजोरम में भिखारियों की संख्या बहुत कम है, लेकिन नए सैरांग-सिहमुई रेलवे स्टेशन के उद्घाटन के बाद दूसरे राज्यों से भिखारियों के आने की आशंका बढ़ जाएगी।

मंत्री ने कहा कि सरकार एक ‘राहत बोर्ड’ का गठन करेगी, जो भिखारियों को अस्थायी तौर पर रखने के लिए ‘रिसीविंग’ केंद्र बनाएगा। उन्होंने बताया कि इन केंद्रों में रखे गए भिखारियों को 24 घंटे के भीतर उनके मूल घरों या राज्यों में वापस भेज दिया जाएगा।

विपक्ष ने जताया कड़ा विरोध

विपक्ष के सदस्यों, जिसमें मिजो नेशनल फ्रंट के नेता लालचंदमा राल्ते भी शामिल थे, ने इस विधेयक का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक ईसाई धर्म के सिद्धांतों के खिलाफ है और इससे राज्य की प्रतिष्ठा को नुकसान होगा। समाज कल्याण विभाग के सर्वेक्षण के अनुसार, राजधानी आइजोल में गैर-स्थानीय लोगों सहित 30 से अधिक भिखारी हैं। लंबी चर्चा के बाद, इस विधेयक को विधानसभा द्वारा पारित कर दिया गया।

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