भदोही बना वैश्विक कालीन हब, योगी आदित्यनाथ बोले – चुनौतियों से घबराएं नहीं

Sandesh Wahak Digital Desk: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को भदोही में आयोजित 49वें अंतरराष्ट्रीय कालीन मेला और चौथे कार्पेट एक्सपो का शुभारंभ किया। देश-विदेश से आए कालीन उद्यमियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिकी टैरिफ से घबराने की जरूरत नहीं, बल्कि इसे एक नए मौके के रूप में देखें।

मुख्यमंत्री ने कहा, “जब भी कोई चुनौती आती है, वह अपने साथ अवसर भी लाती है। अमेरिका ने टैरिफ लगाया है, लेकिन यह सिर्फ एक देश का निर्णय है। हम यूएई, यूके और अन्य देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर तेजी से काम कर रहे हैं, जिससे आने वाले समय में हमारे उद्योगों को नए बाजार मिलेंगे।”

भदोही की कालीनों की बढ़ी ग्लोबल डिमांड

मुख्यमंत्री ने बताया कि एक समय था जब यह उद्योग बंदी के कगार पर था, लेकिन अब भदोही, मीरजापुर और वाराणसी के कालीन उद्योग को नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा, “पहले एक्सपो में कुछ ही विदेशी खरीदार आते थे, लेकिन अब 88 देशों से 300-400 बायर्स भदोही पहुंच रहे हैं – ये अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।”

ओडीओपी ने दी नई पहचान

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार की ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रॉडक्ट (ODOP)’ योजना ने प्रदेश के परंपरागत उद्योगों को नई पहचान दी है। “भदोही की कालीन, मुरादाबाद का पीतल, फिरोजाबाद का ग्लास और वाराणसी का सिल्क – सबने अब वैश्विक स्तर पर अपनी जगह बनाई है। 2017 में किसी ने नहीं सोचा था कि यूपी से 2 लाख करोड़ से ज्यादा का निर्यात होगा, लेकिन आज यह हकीकत है।”

महिलाओं को रोजगार का सबसे बड़ा साधन बना कालीन उद्योग

मुख्यमंत्री ने कहा कि कालीन उद्योग सिर्फ एक व्यापार नहीं, बल्कि यह हमारे कारीगरों और हस्तशिल्प की जीवंत परंपरा है। “यह उद्योग 25-30 लाख लोगों को रोजगार देता है और सालाना करीब 17,000 करोड़ रुपये का निर्यात करता है। आज यह महिला स्वावलंबन का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है। हमारा लक्ष्य है कि और अधिक महिलाओं को इससे जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए।”

“भदोही को छोटा मत समझिए” – मुख्यमंत्री का संदेश

उन्होंने कहा, “भदोही को छोटा मत समझिए, यह प्रदेश की आर्थिक ताकत का प्रतीक है। 2014 से पहले यह उद्योग लगभग समाप्ति की कगार पर था, लेकिन अब यह यूपी की पहचान बन चुका है। आने वाली दीपावली पर प्रदेश के 75 जिलों में स्वदेशी मेले लगाए जाएंगे, जिसमें भदोही की कालीनों के विशेष स्टॉल भी होंगे।”

उद्यमियों के सुझावों पर विचार करेगी सरकार

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत से जुड़े कई प्रमुख लोगों से संवाद किया।

  • रवि पाटेरिया ने कालीन उद्योग को विशेष दर्जा देने की बात कही, जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विचार समिति गठित करने पर विचार कर रही है।
  • हाजी हमीद ने मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता की सराहना की और कहा कि “इस उद्योग को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का हिस्सा बनाया जा सकता है।”
  • अनिल सिंह ने मीरजापुर-विंध्य कॉरिडोर की बात की, जिस पर योगी ने कहा कि “भदोही, वाराणसी और मीरजापुर को एक विकास क्षेत्र के रूप में तैयार किया जा रहा है।”
  • आदर्श पूर्णिमा ने कहा, “आध्यात्म और राजनीति का संगम हो, तो सफलता निश्चित है।”
  • निर्यातक आलोक बरनवाल ने बुनकरों की कमी पर चिंता जताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्थानीय श्रमिकों और महिलाओं को जोड़ने के प्रयास में लगी है।

“हमारा लक्ष्य सिर्फ बचाना नहीं, ऊंचाई तक ले जाना है”

मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन के अंत में कहा –“हमारा उद्देश्य केवल उद्योग को बचाना नहीं, बल्कि इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। एक देश टैरिफ लगाएगा, तो हम दस नए देशों के बाजार खोलेंगे। यही आत्मनिर्भर भारत की सोच है। चुनौतियों से घबराना नहीं है, बल्कि उन्हें अवसर में बदलना है।”

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