राजस्थान कैबिनेट के बड़े फैसले, 2 से ज्यादा बच्चों वाले भी लड़ सकेंगे चुनाव, आर्थिक अपराधों के लिए बनेगा नया निदेशालय
Sandesh Wahak Digital Desk: राजस्थान की भजनलाल सरकार ने प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलावों का रास्ता साफ कर दिया है। विधानसभा सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई ऐसे विधेयकों को मंजूरी दी गई, जो सीधे तौर पर आम जनता और प्रदेश के विकास से जुड़े हैं। सरकार ने राजस्थान पंचायती राज और नगरपालिका अधिनियम में संशोधन का बड़ा फैसला लिया है।
अब कोई पाबंदी नहीं: अब वे लोग भी पंचायती राज और नगर निकायों का चुनाव लड़ सकेंगे, जिनके दो से अधिक संतानें हैं। सरकार का मानना है कि 90 के दशक में जनसंख्या नियंत्रण के लिए यह नियम जरूरी था, लेकिन अब प्रजनन दर में काफी कमी आई है, इसलिए इस प्रतिबंध को हटाया जा रहा है।
समान अवसर: सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए ‘कुष्ठ रोग’ को ‘खतरनाक बीमारी’ की श्रेणी से हटा दिया गया है। अब कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्ति भी पूरी गरिमा के साथ चुनाव लड़ पाएंगे।
आर्थिक अपराधियों की अब खैर नहीं
वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए सरकार ने ‘राजस्व आसूचना एवं आर्थिक अपराध निदेशालय’ के गठन का निर्णय लिया है।
यह निदेशालय रियल एस्टेट धोखाधड़ी, बैंक-बीमा ठगी, मल्टी-लेवल मार्केटिंग घोटाले और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों जैसे मामलों की कड़ी जांच करेगा।
फर्जी दस्तावेजों से नौकरी या कॉलेज एडमिशन लेने वालों पर भी अब इस निदेशालय की पैनी नजर रहेगी।
औद्योगिक पार्क और रोजगार के नए अवसर
प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए ‘राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति 2026’ लाई जाएगी।
सरकारी मदद: निजी क्षेत्र में औद्योगिक पार्क बनाने पर सरकार 20% तक का पूंजीगत अनुदान देगी (अधिकतम 40 करोड़ रुपये तक)।
नीमकाथाना में बड़ा प्लांट: नीमकाथाना में 500 करोड़ रुपये के निवेश से एक आधुनिक प्लांट लगाया जाएगा, जिससे लगभग 565 लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा और स्टील सेक्टर को मजबूती मिलेगी।
राजस्थान मंडपम अब खुद कमाएगा पैसा
जयपुर के टोंक रोड पर बनने वाले ‘राजस्थान मंडपम’ और ‘ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर’ के लिए अब राज्य सरकार को अपनी जेब से 635 करोड़ रुपये खर्च नहीं करने होंगे। यह प्रोजेक्ट अब ‘स्व-वित्तपोषित मॉडल’ पर बनेगा, जिससे सरकार पर बोझ नहीं पड़ेगा और उल्टा 10 करोड़ रुपये की आय होने की संभावना है।
अजमेर में यूनिवर्सिटी और मेडिकल टूरिज्म
प्रदेश में आयुर्वेद और योग को बढ़ावा देने के लिए अजमेर में ‘राजस्थान आयुर्वेद, योग तथा नेचुरोपैथी विश्वविद्यालय’ की स्थापना की जाएगी। जोधपुर के बाद यह प्रदेश की दूसरी ऐसी यूनिवर्सिटी होगी, जिससे मेडिकल टूरिज्म को भी पंख लगेंगे।

