कफ सीरप तस्कर शुभम जायसवाल का पिता भोला कोर्ट में किया गया पेश, 14 दिन की न्यायिक हिरासत
Sandesh Wahak Digital Desk: सोनभद्र पुलिस को प्रतिबंधित कफ सीरप की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ड्रग माफिया शुभम जायसवाल के पिता और इस अवैध कारोबार के कथित मास्टरमाइंड भोला प्रसाद जायसवाल को कोलकाता हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया है। बुधवार को उसे सोनभद्र के एनडीपीएस न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
विदेश भागने की फिराक में था आरोपी
पुलिस अधीक्षक (एसपी) सोनभद्र, अभिषेक वर्मा ने बुधवार को पुलिस लाइन में एक पत्रकार वार्ता में बताया कि आरोपित भोला प्रसाद जायसवाल अपने पूरे परिवार के साथ थाईलैंड भागने की फिराक में था, तभी एसओजी, एसआईटी और सोनभद्र पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे कोलकाता से धर दबोचा। ट्रांजिट रिमांड पर उसे सोनभद्र लाया गया। एसपी वर्मा के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत, पुलिस ने भोला प्रसाद जायसवाल (निवासी- कायस्थ टोला, प्रहलाद घाट, वाराणसी) को विदेश भागने की तैयारी करते समय गिरफ्तार किया।
25 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े का खुलासा
जांच से पता चला है कि भोला प्रसाद जायसवाल मेसर्स शैली ट्रेडर्स, रांची (झारखंड) के माध्यम से बड़े पैमाने पर कफ सीरप की नकली बिलिंग कर विभिन्न जनपदों में अवैध रूप से वितरित कर रहा था। एसआईटी की जांच में जनपद भदोही, चंदौली, वाराणसी और सोनभद्र में लगभग 25 करोड़ रुपये के फर्जी लेन-देन का खुलासा हुआ है। जांच में यह भी पता चला कि इनमें से अधिकांश फर्में धरातल पर अस्तित्वहीन (ghost firms) पाई गईं। मामले में संलिप्त खातों को फ्रीज कर दिया गया है।
7.5 लाख शीशियों की अवैध बिक्री
यह गिरफ्तारी 29 नवंबर को ड्रग इंस्पेक्टर राजेश मौर्य द्वारा रॉबर्ट्सगंज थाने में दर्ज कराए गए एक मुकदमे के आधार पर की गई है। एफआईआर में उल्लेख है कि ग्राम बरकरा की फर्जी फर्म मां कृपा मेडिकल एवं मेसर्स शिवक्षा प्रा. लिमिटेड द्वारा 1 अप्रैल 2024 से 23 अगस्त 2025 के बीच 7,53,000 शीशियां फेंसेडिल सीरप अवैध रूप से काले बाजार में खपाई गईं।
पुछताछ और शुभम जायसवाल की भूमिका
पुछताछ में अभियुक्त भोला प्रसाद जायसवाल ने बताया कि फर्म भले ही उनके नाम से पंजीकृत थी, लेकिन इसका संचालन उनका पुत्र शुभम जायसवाल करता था। उसने यह भी स्वीकार किया कि नकली बिलिंग और फर्जी लेन-देन संबंधी समस्त गतिविधियाँ भी शुभम जायसवाल द्वारा ही की जाती थीं। व्यापार का संचालन झारखंड स्थित एक गोदाम से किया जा रहा था। भोला जायसवाल ने बताया कि व्यापार का वित्तीय लेन-देन सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) विष्णु अग्रवाल द्वारा किया जाता था। सोनभद्र एसआईटी टीम अब विष्णु अग्रवाल से भी अलग से पूछताछ करेगी। अभियुक्त द्वारा बताए गए तथ्यों की विस्तृत जांच के लिए एसआईटी टीम द्वारा उसे उचित कस्टडी रिमांड पर लिया जाएगा।
पूर्व में की गई बरामदगियां (Timeline)
| दिनांक | घटनाक्रम |
| 18 अक्टूबर 2025 | सोनभद्र में चेकिंग के दौरान दो कंटेनरों से 1,19,675 शीशी प्रतिबंधित कफ सीरप (लगभग ₹3.50 करोड़ मूल्य) बरामद। |
| 01 नवंबर 2025 | रांची (झारखंड) में 134 पेटी में कुल 13,400 अवैध कफ सीरप की शीशियां बरामद। |
| 03-04 नवंबर 2025 | सोनभद्र और गाजियाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चार ट्रकों से ₹3.40 करोड़ मूल्य की प्रतिबंधित कफ सीरप तथा ₹20 लाख नकद बरामद। |
अन्य जनपदों में भी वांछित
आरोपी भोला प्रसाद जायसवाल जनपद चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर और वाराणसी की पुलिस टीमों द्वारा भी वांछित था। अन्य जनपदों की पुलिस टीमें भी उससे पूछताछ की कार्यवाही करेंगी।
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