Varanasi News: BHU में यूजीसी इक्विटी रेगुलेशंस के समर्थन में सड़कों पर उतरे छात्र
Varanasi News: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के इक्विटी रेगुलेशंस-2026 को लेकर चल रही कानूनी जंग अब बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के गेटों तक पहुँच गई है। मंगलवार को एससी-एसटी ओबीसी एकता मंच के बैनर तले सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने इन नियमों के पक्ष में एक विशाल मार्च निकाला और आरोप लगाया कि उच्च शिक्षण संस्थानों में पिछड़े और दलित छात्रों के साथ आज भी सूक्ष्म स्तर पर भेदभाव किया जा रहा है।
दोपहर के समय काशी विश्वनाथ मंदिर (VT) के बाहर छात्रों का जमावड़ा शुरू हुआ। हाथों में भेदभाव खत्म करो और सामाजिक न्याय बहाल करो’ लिखी तख्तियां लिए छात्रों का काफिला हिंदी विभाग और छात्रसंघ भवन होते हुए वीसी लॉज पहुँचा। वहां से हुजूम महिला महाविद्यालय (MMV) चौराहे तक गया। माहौल की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे रास्ते प्रॉक्टोरियल बोर्ड और पुलिस बल मुस्तैद रहा।
एमएमवी तिराहे पर हुई सभा में छात्र वक्ताओं ने कड़वे सच साझा किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएचडी प्रवेश के समय इंटरव्यू बोर्ड में छात्रों के साथ उनकी जाति के आधार पर भेदभाव किया जाता है। विभागाध्यक्षों (HOD) की नियुक्तियों में भी खास वर्ग को तवज्जो देने के आरोप लगाए गए। छात्रों ने यूजीसी के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि कैंपस में जातिगत उत्पीड़न की घटनाओं में 118% की डरावनी वृद्धि हुई है।
सुप्रीम कोर्ट के स्टे पर नाराजगी
छात्र नेताओं ने कहा कि जब यूजीसी ने इन विसंगतियों को दूर करने के लिए इक्विटी रेगुलेशंस 2026 पारित किया, तो उस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक (Stay) लगा दी। छात्रों ने इसे अपनी प्रगति में एक बड़ा रोड़ा बताया। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि वह अदालत में मजबूती से पक्ष रखे ताकि जल्द से जल्द ये नियम लागू हो सकें।

