UP STF की बड़ी कार्रवाई: करोड़ों की टैक्स चोरी करने वाला 5 सदस्यीय गिरोह बेंगलुरु से गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता मिली है।
फर्जी आईडी पर 100 से अधिक फर्जी फर्मों के नाम से नकली इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार कर करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 5 सदस्यों को बेंगलुरु (कर्नाटक) से गिरफ्तार किया गया है।
क्या है मामला?
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि कुछ लोग फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बड़ी संख्या में फर्में रजिस्टर कर, उनके नाम पर फर्जी बिल बनाकर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं। यह गिरोह देशभर में फैले जीएसटी नेटवर्क का दुरुपयोग कर रहा था।
पूरे मामले की शुरुआत एक शिकायत से हुई, जब अश्वनी कुमार (जनपद मुजफ्फरनगर निवासी) ने शिकायत दी कि कुछ अज्ञात लोगों ने नौकरी दिलाने के नाम पर उनके आधार, पैन और बिजली बिल जैसे दस्तावेज लेकर उनके नाम पर एक फर्जी फर्म “AK Traders” बनाकर करीब ₹248 करोड़ के फर्जी बिल बनाए और लगभग ₹45 करोड़ की टैक्स चोरी की।
इस पर साइबर थाना, मुजफ्फरनगर में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई।
कैसे हुआ खुलासा?
जांच के दौरान मिले इनपुट्स और सर्विलांस के आधार पर STF को पता चला कि गिरोह के कुछ सदस्य बेंगलुरु में छिपे हुए हैं। STF की टीम तुरंत वहां पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से बैंगलोर सिटी के वायदराहल्ली थाना क्षेत्र के तुंगनगर इलाके में छापा मारकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
सभी आरोपी राजस्थान के बाड़मेर जिले से हैं:
-रतनाराम पुत्र कालूराम
-ओमप्रकाश पुत्र मूलाराम
-हनुमानराम पुत्र मूलाराम
-बुद्धराम पुत्र भागीरथ
-संतोष कुमार पुत्र भागीरथराम
बरामद हुआ सामान
-13 मोबाइल फोन
-1 प्रिंटर
-8 फर्जी बिल बुक
-4 रबर स्टाम्प
-4 चेक बुक
-1 नंबरिंग मशीन
-3 कारें (स्विफ्ट, टाटा अल्ट्रोज़, वेन्यू)
क्या करता था यह गिरोह?
-पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये सभी आरोपी राजस्थान के लाभूराम और सुरेश नाम के दो सरगनाओं के कहने पर काम कर रहे थे।
-ये सरगना लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनके दस्तावेज लेते थे।
-फिर उन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी आईडी पर सिम निकालकर फर्जी फर्में रजिस्टर करते थे।
-उन्हीं फर्मों के नाम से फर्जी GST बिल व ई-वे बिल बनाते, जिससे वास्तविक कंपनियां टैक्स चोरी कर सकें।
-बदले में इन आरोपियों को प्रति फर्जी बिल ₹3000 तक का भुगतान मिलता।
-जो फर्में बनाई जाती थीं, उन्हें कुछ महीनों बाद बिना टैक्स चुकाए बंद कर दिया जाता।
सरकार को करोड़ों का नुकसान
इस तरह के फर्जी बिलिंग के जरिये यह गिरोह भारत सरकार को करोड़ों रुपये का टैक्स नुकसान पहुँचा चुका है। STF ने इन सभी को बेंगलुरु से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर मुजफ्फरनगर लाया है, जहाँ उन्हें जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा।
यह कार्रवाई GST फ्रॉड के खिलाफ STF की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जो देशभर में इस तरह के आर्थिक अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में एक अहम कदम है।
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