यूपी के 4.5 लाख प्राथमिक शिक्षकों के लिए बड़ा फैसला ,अब ‘ऑनलाइन डिजिटल हाजिरी’ अनिवार्य

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के परिषदीय (प्राथमिक और उच्च प्राथमिक) विद्यालयों के शिक्षकों के लिए शासन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर, प्रदेश के 1.33 लाख परिषदीय विद्यालयों में तैनात लगभग 4.50 लाख शिक्षकों पर अब ऑनलाइन डिजिटल उपस्थिति प्रक्रिया लागू होगी।

उपस्थिति दर्ज करने के नियम

शिक्षकों को विद्यालय शुरू होने के समय से एक घंटे के भीतर अपनी उपस्थिति डिजिटल रूप से दर्ज करानी होगी। इसके बाद उपस्थिति दर्ज करने का सिस्टम लॉक हो जाएगा। उपस्थिति दर्ज करने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से प्रधानाध्यापक की होगी। प्रधानाध्यापक द्वारा असमर्थता व्यक्त करने पर यह जिम्मेदारी किसी दूसरे शिक्षक को दी जाएगी।

नेटवर्क की समस्या के कारण हाजिरी दर्ज करने में दिक्कत आने पर शिक्षक ऑफलाइन उपस्थिति दर्ज कर सकेंगे। नेटवर्क सुचारु होने पर यह ऑफलाइन उपस्थिति स्वतः ही ऑनलाइन डिजिटल प्रणाली में सिंक हो जाएगी।

निर्णय और प्रक्रिया

बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से यह आदेश जारी किया गया है।यह फैसला उच्च न्यायालय द्वारा 16 अक्टूबर 2025 को शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए दिए गए निर्देश के क्रम में लिया गया है।

हाई कोर्ट के आदेश के बाद विभाग ने एक समिति का गठन किया था। इस समिति में महानिदेशक स्कूल शिक्षा, निदेशक समाज कल्याण व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, निदेशक बेसिक शिक्षा व एससीईआरटी, बीएसए लखनऊ, सीबीएसई के पूर्व चेयरमैन, और शिक्षक शामिल थे। समिति की 6 नवंबर को हुई बैठक के क्रम में ये निर्देश जारी किए गए हैं।

आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि अनुपस्थिति के संबंध में बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए तथा बिना शिक्षक का पक्ष जाने शिक्षक के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। वर्ष 2024 में भी शिक्षकों के लिए डिजिटल अटेंडेंस लागू करने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन शिक्षकों के विरोध के कारण यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। अपर मुख्य सचिव ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा को इस निर्णय के अनुसार आगे की कार्यवाही सुनिश्चित कराने और शासन को अवगत कराने का निर्देश दिया है।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.