लखनऊ में ऑक्सीटोसीन तस्करी का बड़ा भंडाफोड़, 1.20 करोड़ की दवा बरामद, STF ने तीन तस्कर दबोचे

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने एक अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर करीब 5.88 लाख एमएल ऑक्सीटोसीन बरामद किया है, जिसकी बाज़ार कीमत लगभग 1.20 करोड़ रुपये बताई जा रही है। गिरोह के सदस्य बिहार से ऑक्सीटोसीन की तस्करी कर इसे लखनऊ और आसपास के जिलों में अवैध तरीके से सप्लाई कर रहे थे।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?

  • अनमोल पाल, निवासी मायापुरम, बुद्धेश्वर, थाना पारा, लखनऊ
  • खगेश्वर, निवासी ग्राम बसंत सिंह, थाना विसवा, सीतापुर
  • अवधेश पाल, निवासी बुद्धेश्वर मॉडल सिटी, मोहान रोड, थाना पारा, लखनऊ

STF को कैसे मिली कामयाबी?

बीते कुछ दिनों से STF को सूचना मिल रही थी कि बिहार से भारी मात्रा में ऑक्सीटोसीन इंजेक्शन की अवैध तस्करी की जा रही है। इस इनपुट पर एएसपी अमित कुमार नागर की निगरानी में निरीक्षक दिलीप तिवारी व उनकी टीम को अलर्ट मोड पर रखा गया।

टीम ने 2 जुलाई की सुबह 11:10 बजे, बुद्धेश्वर चौराहे से मोहान रोड के पास छापेमारी कर तीनों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ये लोग एक मकान में इंजेक्शन की पैकिंग, मिलावट और डिलीवरी की तैयारी कर रहे थे।

क्या-क्या मिला आरोपियों के पास से?

  • 5,87,880 एमएल ऑक्सीटोसीन इंजेक्शन (अनुमानित मूल्य: ₹1.20 करोड़)
  • UP32 SN 1128 नंबर की ‘छोटा हाथी’ गाड़ी
  • ₹12,000 नगद,
  • 800 खाली बोतलें,
  • 136 रबर कैप,
  • 40 एल्युमिनियम कैप,
  • प्लास्टिक की कीप, पाइप,
  • 3 मोबाइल फोन,
  • 10-03 पैकेट नमक (मिलावट में उपयोग के लिए)

कैसे होता था यह घातक खेल?

पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे ऑक्सीटोसीन को मिनरल वाटर के नाम पर पार्सल के जरिए मंगाते थे। इसके बाद उसे मिलावट कर अलग-अलग साइज की शीशियों में पैक कर लखनऊ व अन्य जिलों में सप्लाई करते थे। यह इंजेक्शन मुख्य रूप से पशुओं से अधिक दूध निकालने, सब्जियों और फलों को तेजी से पकाने में इस्तेमाल किया जाता है, जो इंसान और पशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।

क्या कहता है कानून?

भारत सरकार के गजट नोटिफिकेशन संख्या 242(ई), दिनांक 3 अप्रैल 2001 के तहत, ऑक्सीटोसीन इंजेक्शन को सिर्फ सिंगल यूनिट ब्लिस्टर पैक में ही बेचा जा सकता है। इस दवा की अवैध बिक्री न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा भी है। फिलहाल एसटीएफ ने बरामद दवाओं के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं ताकि यह भी पता लगाया जा सके कि उसमें किसी तरह की मिलावट तो नहीं की गई है।

मामला दर्ज, जांच जारी

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना काकोरी, लखनऊ में मुकदमा संख्या 217/2025 दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ भारतीय न्यायक संहिता (BNS) की धाराएं 318(4), 280, 276, और 112 के तहत केस दर्ज किया गया है। आगे की कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।

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