बिहार में सीएम पद पर सस्पेंस: JDU बोली- ‘नीतीश ही रहेंगे’, BJP का रुख- ‘NDA विधायक मिलकर नेता तय करेंगे’
Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) को प्रचंड जीत मिलने के बाद नई सरकार के गठन की कवायद तेज हो गई है। हालांकि, मुख्यमंत्री पद को लेकर गठबंधन के भीतर सियासी गलियारों में सवाल खड़े हो गए हैं। जहां जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने नीतीश कुमार के नाम पर मुहर लगा दी है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP), जो इस बार ज्यादा सीटें जीतकर आई है, खुलकर नाम लेने से बच रही है।
JDU का स्पष्ट रुख: ‘सीएम की वैकेंसी नहीं’
बिहार चुनाव नतीजे आने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर शुक्रवार को जेडीयू के शीर्ष नेताओं (केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, विजय चौधरी और श्याम रजक) की मुलाक़ात हुई। ललन सिंह ने मीडिया से बात करते हुए साफ कहा कि बिहार में “सीएम पद की कोई वैकेंसी नहीं है।” श्याम रजक ने भी इस बात को दोहराया कि नीतीश कुमार ही फिर से मुख्यमंत्री होंगे।
BJP का संशय भरा बयान: ‘संवैधानिक प्रक्रिया होगी’
गठबंधन में सबसे ज़्यादा सीटें जीतने वाली भाजपा ने मुख्यमंत्री पद पर थोड़ा सस्पेंस बना दिया है। दिलीप जायसवाल (भाजपा प्रदेश अध्यक्ष) ने कहा कि अगले एक-दो दिन पार्टी धन्यवाद कार्यक्रम करेगी। इसके बाद एनडीए के विधायक मिलकर अपना नेता चुनेंगे, और यही सरकार गठन की संवैधानिक प्रक्रिया है। नीतीश के सीएम बनने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा। यहां तक कि बिहार चुनाव के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने भी एक चैनल से बातचीत में सीएम के सवाल पर नीतीश का नाम लेने से परहेज किया, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अगला मुख्यमंत्री एनडीए का ही होगा।
जीत का गणित: बीजेपी बनी बड़ी पार्टी
बिहार चुनाव 2025 के नतीजों में एनडीए ने 243 में से 202 सीटों पर जीत दर्ज की। इस बार बराबर सीटों पर लड़ने के बावजूद, बीजेपी: 89 सीटें, जेडीयू: 85 सीटें (बीजेपी से कम) अन्य सहयोगी (लोजपा-आर, हम, रालोमो): 28 सीटें, सीटों के इस बदलाव ने ही गठबंधन के भीतर नेतृत्व की स्थिति को लेकर यह खींचतान पैदा की है।
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