बिहार चुनाव: सत्ता हथियाने के लिए तेजस्वी ने लगाई वायदों की झड़ी, कैसे करेंगे पूरा?
राज्य का वर्तमान बजट ही लगभग सवा तीन करोड़ रुपये, जीविका दीदियों को खुश करने में राज्य सरकार पर पड़ेगा 30,240 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ
Sandesh Wahak Digital Desk: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव एक बार फिर अपनी जुमलेबाजी से चर्चा में हैं। या यूं कहें कि चर्चा में बने रहने के लिए ही शायद वह पत्रकारों के समक्ष इस तरह के बयान देते फिर रहे हैं। तेजस्वी ने बुधवार को पत्रकारों से वार्ता के दौरान सत्ता में आते ही जीविका दीदियों को सरकारी कर्मियों का दर्जा देने व उनका वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने के साथ ही सभी सभी संविदा कर्मियों के नियमितीकरण का ऐलान किया है। कुछ दिन पहले भी वह सत्ता में आते ही राज्य के सभी परिवारों को सरकारी नौकरी देने का वादा कर चुके हैं।

क्या जुमलों से पार होगी चुनावी नैया?
राजद नेता तेजस्वी यादव बिहार की सत्ता हथियाने के लिये किसी भी हद तक जा सकते हैं। जुमले और शिगूफे जैसे उनकी जीवनशैली में रच बस गए है। वायदे भी ऐसे किए जा रहे हैं जैसे उन्हें पूरा करना बाएं हाथ का खेल है। राज्य की भोली भाली जनता को फंसाने के लिए पासे फेंके जा रहे हैं। अभी कुछ दिन पहले ही तेजस्वी ने ऐलान किया था कि राजद के सत्ता में आते ही 20 माह के भीतर प्रत्येक परिवार को सरकारी नौकरी दी जाएगी। इसकी घोषणा होते ही लोगों में इस वायदे के पूरा होने को लेकर संशय शुरू हो गए थे।
सरकार की गलत नीतियों के कारण शारीरिक मानसिक और आर्थिक शोषण झेल रही जीविका दीदियों के जीवन में गुणात्मक परिवर्तन लाने वाली ऐतिहासिक घोषणाएं की है।
𝟏. जीविका 𝐂𝐌𝐬 (कम्युनिटी मोबिलाइजर) को स्थाई कर उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देकर उनके वेतन को 𝟑𝟎𝟎𝟎𝟎/-₹ प्रतिमाह दिया… pic.twitter.com/7TdOWONPYV
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) October 22, 2025
अभी चर्चा का दौर थमा भी नहीं था कि तेजस्वी ने वायदों की सूची में तीन बम और फोड़ दिये। उसमें राज्य में कार्यरत 1.4 करोड़ जीविका दीदियों को सरकारी नौकरी का दर्जा देने के साथ ही उनका वेतन 12 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने व सभी संविदा कर्मियों का नियमितीकरण शामिल है। जाहिर है कि इतनी जीविका दीदियों के नियमितीकरण में राज्य सरकार पर 30,240 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
सुना क्या? 14 नवंबर के बाद जीविका CM दीदियों को सरकारी कर्मी का दर्जा और 30 हजार रूपये/माह वेतन मिलेगा। pic.twitter.com/OE2EZD4rc2
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) October 22, 2025
राज्य सरकार पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ
यही नहीं सत्ता में आने पर किए वायदे के अनुसार, 2.79 करोड़ लोगों को रोजगार भी देना पड़ेगा व सभी संविदा कर्मियों का नियमितीकरण भी करना पड़ेगा। इसमें राज्य सरकार पर हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। अब सवाल उठता है कि राज्य सरकार इस अतिरिक्त बोझ की भरपाई कैसे करेगी, जबकि राज्य सरकार का सालाना बजट ही सवा तीन लाख करोड़ रुपये है। तो क्या तेजस्वी येन केन प्रकारेण केवल सत्ता हासिल करने के लिए लोगों के बीच ऐसे शिगूफे छोड़ रहे हैं या फिर वक्त आने पर इन्हें पूरा भी कर सकेंगे।
रिपोर्ट: राज कृष्ण पाण्डेय
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