बिहार: चुनाव हार के बाद राजद की पहली समीक्षा बैठक, तेजस्वी यादव सर्वसम्मति से बने नेता प्रतिपक्ष

Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की पहली समीक्षा बैठक सोमवार को पटना में आयोजित की गई। इस बैठक में पार्टी ने महत्वपूर्ण संगठनात्मक निर्णय लिया, जिसके तहत तेजस्वी यादव को बिहार विधानसभा में एक बार फिर सर्वसम्मति से नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) चुना गया है।

बैठक में शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति

समीक्षा बैठक में पार्टी का शीर्ष नेतृत्व मौजूद रहा, जिसमें राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, राजद सांसद मीसा भारती, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, बाहुबली सूरजभान सिंह और कई विधायक तथा वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

तेजस्वी यादव का राजनीतिक महत्व

राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगदानंद प्रसाद सिंह ने तेजस्वी यादव के नेता प्रतिपक्ष चुने जाने की पुष्टि की। इस पद पर बने रहने का राजनीतिक महत्व यह है। 243 सीटों की विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल का दर्जा पाने के लिए पार्टी के पास 10% यानी 24 सीटें होनी चाहिए। राजद ने 25 सीटें जीती हैं, जिससे तेजस्वी यादव महज़ 2 सीटों के अंतर से नेता प्रतिपक्ष का दर्जा और कैबिनेट मंत्री के रैंक की सुविधाएँ बरकरार रख पाए हैं। जगदानंद सिंह ने कहा कि तेजस्वी के नेतृत्व में पार्टी सड़क से लेकर सदन तक गरीबों की आवाज उठाना जारी रखेगी।

हार की समीक्षा और ईवीएम पर सवाल

बैठक में चुनाव में महागठबंधन के निराशाजनक प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा की गई। महागठबंधन को कुल 35 सीटें मिलीं: राजद (25), कांग्रेस (6), सीपीआई (माले-2), आईआईपी (1) और सीपीआई(एम) (1)।

समीक्षा के दौरान कुछ विधायकों और हारे हुए उम्मीदवारों ने ईवीएम को हैक करने की आशंका जताई। सभी ने यह राय रखी कि ज़मीन पर महागठबंधन ही दिख रहा था, जबकि एनडीए कहीं भी दिखाई नहीं दे रहा था। महागठबंधन की एक महत्वपूर्ण सहयोगी और डिप्टी सीएम फेस मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (VIP) अपना खाता भी नहीं खोल पाई।

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