बिहार का सियासी रण अब चरम पर, ‘जंगलराज’ बना मुख्य चुनावी मुद्दा, आज शाह भरेंगे चुनावी हुंकार

Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार विधानसभा चुनाव का सियासी प्रचार अपने चरम पर पहुंच गया है। सभी राजनीतिक पार्टियां वोटरों को लुभाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही हैं। सत्ताधारी एनडीए (NDA) गठबंधन एक बार फिर जीत का परचम लहराने के लिए अपनी रणनीति को आक्रामक तरीके से आगे बढ़ा रहा है।

NDA का चुनावी प्रहार: जंगलराज बनाम सुशासन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपनी चुनावी रैली में स्पष्ट कर दिया कि इस बार का चुनाव ‘सुशासन बनाम जंगलराज’ होगा। उन्होंने महागठबंधन और पूर्ववर्ती लालू सरकार के शासनकाल को ‘जंगलराज’ कहकर निशाना साधा और भ्रष्ट परिवारवाद का मुद्दा उठाया।

प्रधानमंत्री ने अपनी रैली में लोगों से मोबाइल की फ्लैशलाइट ऑन करवाकर यह संदेश दिया कि अब बिहार को ‘लालटेन’ (राजद का चुनाव चिन्ह) की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि अब हर जगह बिजली है।

आज NDA के प्रमुख प्रचारक

शनिवार को एनडीए के चुनाव प्रचार की कमान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार संभालेंगे:

महागठबंधन की सक्रियता

एक ओर जहां एनडीए के शीर्ष नेता लगातार चुनावी रैलियां कर रहे हैं, वहीं महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव भी राज्य भर में अपनी जनसभाओं के माध्यम से मतदाताओं के बीच सक्रिय रूप से पहुंच रहे हैं।

एनडीए, विशेष रूप से पीएम मोदी और अमित शाह, लालू परिवार और कांग्रेस पर लगातार हमलावर हैं, जबकि सीएम नीतीश कुमार ‘सुशासन’ को आधार बनाकर जनता से वोट मांग रहे हैं।

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