कानपुर में ‘बिटुमिन कालाबाजारी’ गिरोह का भंडाफोड़, UP STF ने 6 सक्रिय सदस्य किए गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: स्पेशल टास्क फोर्स (STF) उत्तर प्रदेश ने दिनांक 13 नवंबर 2025 को एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त करते हुए, अपमिश्रित पेट्रोलियम पदार्थ (बिटुमिन या डामर) की कालाबाजारी करने वाले एक अंतर-जनपदीय गिरोह के 6 सक्रिय सदस्यों को कानपुर नगर से गिरफ्तार किया है। इस गिरोह का पर्दाफाश कबीर कोल्ड स्टोर के पीछे, अरौल थाना क्षेत्र, कानपुर नगर में किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्त और बरामदगी का विवरण
गिरफ्तार अभियुक्त मथुरा, हाथरस और कानपुर नगर जैसे विभिन्न जिलों के निवासी हैं। मुख्य अभियुक्त पवन सिंह उर्फ राजेंद्र सिंह (मथुरा निवासी) सहित कुल 6 लोग पकड़े गए।
| बरामद सामग्री | मात्रा/विवरण |
| अपमिश्रण सामग्री | 252 बोरी सफेद मार्बल डस्ट (लगभग 126 कुंतल) |
| अपमिश्रित तारकोल | दो टैंकरों में लदा हुआ (कुल 53.55 टन) |
| मशीनरी | 02 टैंकर (बिटुमिन आयल से भरे), मिक्सर मशीनरी यंत्र, 02 लोहे के कंटेनर, जनरेटर |
| नकद | ₹8,300 |
मुनाफाखोरी का तरीका और सड़कों पर असर
गिरफ्तार मुख्य अभियुक्त पवन सिंह और उसके सहयोगियों ने पूछताछ में बताया कि वे मथुरा रिफाइनरी से बिटुमिन लोड करते थे और गंतव्य स्थान पर पहुँचने से पहले रास्ते में इस फैक्ट्री में रुकते थे।
- कालाबाजारी का तरीका: ये लोग एक टैंकर से 7-8 ड्रम शुद्ध बिटुमिन निकालकर उसमें सफेद मार्बल पाउडर मिलाकर अपमिश्रित (मिलावटी) तारकोल तैयार करते थे, जिसे वापस टैंकर में भर दिया जाता था।
- मुनाफा: ये गिरोह प्रतिदिन 8-10 टैंकरों से बिटुमिन आयल काटकर लगभग ₹70,000 से ₹80,000 का भारी मुनाफा कमा रहा था।
- सप्लाई नेटवर्क: यह मिलावटी तारकोल मथुरा, हरदोई, फर्रुखाबाद, उन्नाव, कन्नौज और आसपास के जनपदों में सप्लाई किया जाता था।
राज्य को भारी नुकसान: लोक निर्माण विभाग और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मार्बल पाउडर मिश्रित तारकोल की संरचनात्मक गुणवत्ता कम होती है, जिससे सड़कें कमजोर बनती हैं। बारिश में इनके खराब बिटुमिन के कारण सड़कें जल्द ही टूट जाती हैं, जिससे सरकार को भारी आर्थिक हानि और आम जनता को परेशानी होती है।
कानूनी कार्रवाई
एसटीएफ की सूचना पर अरौल पुलिस, लोक निर्माण विभाग और आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध थाना अरौल, जनपद कानपुर नगर में मु0अ0सं0 0213/2025 धारा 111(2)B, बीएनएस 2023 और 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।

