बीजेपी के नए सारथी: पदभार संभालने से पहले देवालयों की शरण में नितिन नबीन, आज संभालेंगे कमान

Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन आज औपचारिक रूप से विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी की कमान संभालेंगे। लेकिन सत्ता के इस शिखर पर बैठने से पहले, नबीन ने अपनी सुबह की शुरुआत आध्यात्मिक आशीर्वाद के साथ की है।

भक्ति के साथ नई शुरुआत

मंगलवार की सुबह नितिन नबीन दिल्ली की सड़कों पर एक राजनेता से अधिक एक श्रद्धालु के रूप में नजर आए। पदभार ग्रहण करने के महत्वपूर्ण कार्यक्रम से पहले उन्होंने दिल्ली के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर मत्था टेकने का फैसला किया।

उन्होंने अपने दिन की शुरुआत प्रसिद्ध झंडेवालान मंदिर में माँ शक्ति की पूजा-अर्चना के साथ की। इसके बाद वे वाल्मीकि मंदिर पहुंचे, जहाँ उन्होंने नमन किया। सुबह करीब 9:00 बजे उन्होंने कनॉट प्लेस स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में दर्शन किए और ‘संकटमोचन’ का आशीर्वाद लेंगे। अपनी धार्मिक यात्रा के अंतिम पड़ाव में वे बंगला साहिब गुरुद्वारे पहुंचेंगे, जहां उन्होंने अरदास की और गुरुबाणी सुनेंगे।

पार्टी के भीतर यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि नए अध्यक्ष अपनी सांस्कृतिक जड़ों और ‘सर्वधर्म समभाव’ की परंपरा को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।

11:30 बजे बीजेपी मुख्यालय में होगा भव्य समारोह

धार्मिक अनुष्ठानों के बाद नितिन नबीन सुबह 11:30 बजे दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित बीजेपी मुख्यालय पहुंचेंगे। यहाँ एक भव्य समारोह में वे औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण करेंगे। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, निवर्तमान अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और नितिन गडकरी समेत पार्टी के तमाम दिग्गज मौजूद रहेंगे। इसके अलावा बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष भी इस समारोह में शिरकत करने दिल्ली पहुंचे हैं।

निर्विरोध निर्वाचन: एकता का संदेश

राष्ट्रीय रिटर्निंग अधिकारी के. लक्ष्मण ने सोमवार शाम ही यह घोषणा कर दी थी कि नितिन नबीन को निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया गया है। नबीन के पक्ष में कुल 37 सेट नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे, जिनमें से एक सेट पर स्वयं प्रधानमंत्री मोदी और वरिष्ठ मंत्रियों ने प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर किए। यह इस बात का प्रमाण है कि 46 वर्षीय नबीन को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का पूर्ण विश्वास और समर्थन प्राप्त है।

बिहार की गलियों से दिल्ली के गलियारे तक का सफर

नितिन नबीन का अध्यक्ष बनना बीजेपी में ‘युवा नेतृत्व’ की एक नई लहर माना जा रहा है। बिहार के बांकीपुर से 5 बार विधायक रहे नबीन ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) से की थी। उन्होंने बिहार सरकार में सड़क निर्माण और कानून जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों को संभाला है। दिसंबर 2025 में कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद से ही उन्होंने संगठन में अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी।

नितिन नबीन के सामने 2029 के लोकसभा चुनाव की नींव रखने और आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी का परचम लहराने की बड़ी चुनौती है। 30 राज्यों में संगठन चुनाव पूरे होने के बाद उनकी ताजपोशी यह दर्शाती है कि बीजेपी अब अधिक आक्रामक और युवा दृष्टिकोण के साथ भविष्य की राजनीति की ओर बढ़ रही है।

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