Lucknow News: बेहता नाले में डूबे युवक का चालीस घंटे बाद मिला शव

Lucknow News: रहीमाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम तरौना में गुरुवार शाम को एक दुखद हादसा सामने आया। गांव का निवासी सूरज कुमार मौर्य (20) शाम करीब 5 बजे अपने तीन दोस्तों के साथ बेहता नाले में फंसी अपनी भैंस को निकालने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान वह पानी के तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया। ग्रामीणों द्वारा काफी तलाश करने के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला, तो पुलिस को सूचित किया गया। रहीमाबाद पुलिस ने गोताखोरों की टीम के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

शुक्रवार को गांव से 500 मीटर की दूरी पर मृत भैंस तो बरामद हो गई, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका। गोताखोरों की ढिलाई से नाराज परिजनों ने लखनऊ-हरदोई नेशनल हाईवे (NH-731) पर दो बार जाम लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया था।

पूर्व मंत्री की पहल और शव की बरामदगी

शनिवार सुबह करीब 10 बजे पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर और उनके पुत्र विकास किशोर (उपाध्यक्ष, अनुसूचित मोर्चा) घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों से वार्ता कर खोजबीन तेज करने के निर्देश दिए। इसके तुरंत बाद गोताखोरों ने सघन अभियान चलाया और सुबह साढ़े 10 बजे—हादसे के लगभग 40 घंटे बाद—सूरज का शव बेहता नाले से बाहर निकाल लिया गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

पिछले तीन दिनों से सूरज के घर में चूल्हा नहीं जला था और परिजन लगातार बिलख रहे थे। शनिवार को जैसे ही सूरज का पार्थिव शरीर नाले से बाहर लाया गया, घर में कोहराम मच गया और परिजन शव से लिपटकर रोने लगे। मृतक सूरज अविवाहित था। उसके परिवार में पिता विजय मौर्य, मां दुलारा, छोटा भाई राज मौर्य तथा तीन बहनें गीता, सीता और सपना हैं। इस घटना से पूरे तरौना गांव में शोक की लहर व्याप्त है।

रिपोर्ट: सुरेन्द्र कुमार

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