ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी देश की पहली रोड-रेल टनल, 6 घंटे का सफर सिर्फ कुछ मिनटों में होगा पूरा
Sandesh Wahak Digital Desk: पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने एक ऐतिहासिक फैसले को मंजूरी दी है। नेशनल हाईवे-15 पर गोहपुर से नुमालीगढ़ के बीच अब 4-लेन की ‘एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड’ कनेक्टिविटी बनाई जाएगी। इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनने वाली 15.79 किलोमीटर लंबी सुरंग है, जो सड़क और रेल दोनों के लिए होगी।
लगभग 18,662 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट तकनीकी रूप से दुनिया को हैरान करने वाला है। यह भारत की पहली और दुनिया की महज दूसरी ऐसी सुरंग होगी, जिसमें सड़क और पटरी (Twit Tube Road-cum-Rail Tunnel) एक साथ होंगी। असम के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है।
वर्तमान में गोहपुर और नुमालीगढ़ के बीच की दूरी लगभग 240 किलोमीटर है। यात्रियों को काजीरंगा नेशनल पार्क और बिस्वनाथ टाउन के रास्ते से होकर जाना पड़ता है, जिसमें करीब 6 घंटे का समय बर्बाद होता है। इस नई टनल और कनेक्टिविटी के बन जाने से यह घंटों का सफर चंद मिनटों में सिमट जाएगा।
रेलवे और हाईवे का होगा अनोखा मिलन
यह प्रोजेक्ट केवल सड़क मार्ग को ही नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे के दो महत्वपूर्ण हिस्सों को भी जोड़ेगा।
गोहपुर साइड: रंगिया डिवीजन का रंगिया-मुकोंगसेलेक सेक्शन।
नुमालीगढ़ साइड: तिनसुकिया डिवीजन का फुरकटिंग-मरियानी लूप लाइन सेक्शन।
इन दोनों रेल लाइनों के जुड़ने से पूरे इलाके में माल ढुलाई (Logistics) और यात्रियों की आवाजाही पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा तेज और सस्ती हो जाएगी।
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