SIR में ‘जाति कॉलम’ की मांग पर घमासान, ब्रजेश पाठक का अखिलेश पर पलटवार, कही ये बात

Sandesh Wahak Digital Desk: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा वोटर लिस्ट पुनरीक्षण अभियान यानी एसआईआर (SIR – Special Intensive Revision) में जाति का कॉलम जोड़ने की मांग पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने तीखा पलटवार किया है।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के प्रमुख आरोप

पाठक ने कहा कि एसआईआर के तहत प्रदेश में घुसपैठियों की पहचान और उन्हें मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू होते ही सपा नेताओं की बेचैनी बढ़ गई है। अखिलेश यादव जाति का कार्ड खेलकर घुसपैठियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आरएसएस (RSS) को देश में बैन करने की बात सिर्फ वही कर सकता है, जिसे भारत की एकता और सनातन संस्कृति से भय हो। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की मानसिकता पीएफआई (PFI) और सिमी (SIMI) का समर्थन करती है।

पाठक ने 2013 में सपा सरकार द्वारा सात जिलों में आतंकवाद से जुड़े 14 केस एक साथ वापस लेने का ज़िक्र करते हुए कहा कि सपा का इतिहास गवाह है कि उसे राष्ट्रवाद से डर लगता है, आतंकवाद से नहीं।

उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में बेटियां सुरक्षित हैं, जबकि सपा शासनकाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति किसी से छिपी नहीं थी। उन्होंने कहा कि यूपी अब जाति और डर की राजनीति से नहीं, बल्कि विकास और राष्ट्रवाद की भावना से चलता है।

ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव की राजनीति को ‘चैट जीपीटी से बनी’ जैसा कृत्रिम बताया। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख के पास न विजन है, न ज़मीन और न ही जज़्बा। वह सिर्फ कॉपी पेस्ट की राजनीति कर रहे हैं और उनकी चिंता केवल कुर्सी की है।

डिप्टी सीएम ने अंत में कहा कि सपा जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटती है, जबकि भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास’ की विचारधारा पर विकास पथ पर अग्रसर है।

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