ब्रजेश पाठक ने मेडिकल कॉलेजों को दी चेतावनी – WHO स्टैंडर्ड्स लागू करो, वरना पंजीकरण रुक जाएगा
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने साफ कहा है कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं तभी सही मायने में सशक्त मानी जाएंगी जब वे WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के मानकों पर खरी उतरेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अब प्रदेश के किसी भी निजी मेडिकल कॉलेज का पंजीकरण तभी होगा जब वह WHO के तय मानकों को पूरा करेगा।
मरीजों के इलाज के लिए नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ जरूरी
ब्रजेश पाठक ने बताया कि WHO के अनुसार हर मरीज पर 3 नर्स और 3 पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध होने चाहिए। लेकिन उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी को देखते हुए अभी भी इस क्षेत्र में भारी कमी है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि नर्सिंग और पैरामेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण प्रैक्टिकल ट्रेनिंग नहीं मिलती।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अब मेडिकल कॉलेजों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि छात्र-छात्राओं को केवल सैद्धांतिक पढ़ाई ही नहीं बल्कि मरीजों के इलाज, व्यवहार, और देखभाल की भी बेहतर ट्रेनिंग दी जाए।
उन्होंने कहा – “छात्रों को यह सीखना जरूरी है कि इलाज के दौरान मरीज की परेशानियों को कैसे गंभीरता से लिया जाए और उनके परिजनों से सही व्यवहार किया जाए। इससे ही वे भविष्य में अपने पेशे को जिम्मेदारी से निभा पाएंगे।”
WHO मानक के बिना नहीं होगा पंजीकरण
ब्रजेश पाठक ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक मेडिकल कॉलेज यह व्यवस्था नहीं करेंगे, तब तक उनका पंजीकरण नहीं किया जाएगा। सरकार चाहती है कि आने वाले समय में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव दिखाई दे और मरीजों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलें।
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