‘बसपा सुप्रीमो की ज़ुबान पर अंबेडकर, दिल में बीजेपी है’, उदित राज का मायावती पर बड़ा हमला
Sandesh Wahak Digital Desk: कांग्रेस के कद्दावर नेता और अखिल भारतीय असंगठित कामगार प्रकोष्ठ के चेयरमैन डॉ. उदित राज ने लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने मायावती को “बीजेपी सरकार का एजेंट” बताया, जबकि योगी सरकार को “मजदूर-कर्मचारी विरोधी” और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने वाला करार दिया।
मायावती पर मुख्य आरोप
उदित राज ने आरोप लगाया कि मायावती की ज़ुबान पर भले ही अंबेडकर हों, लेकिन उनके दिल में बीजेपी है। उन्होंने कहा कि मायावती ने 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को जिताया और अब बिहार चुनाव जिताने का ठेका ले लिया है। उन्होंने कहा कि बसपा ने कांशीराम जयंती पर कभी रैली नहीं की, लेकिन इस बार रैली करके योगी आदित्यनाथ की तारीफ़ की और सवाल समाजवादी पार्टी से पूछे। उनका मानना है कि इस रैली का एकमात्र उद्देश्य बिहार में बीजेपी को फ़ायदा पहुँचाना था।
उन्होंने सवाल किया कि मायावती मुसलमानों को जोड़ने की बात तो करती हैं, लेकिन बीजेपी से अच्छे संबंध होने के बावजूद वे उमर खालिद, शरजील इमाम, मीराम हैदर और गुलफ़िशा फ़ातिमा जैसे कार्यकर्ताओं की जमानत पर एक शब्द भी क्यों नहीं बोलतीं? उदित रात ने आईपीएस वाई पूरन कुमार की मौत पर यूपी के दलित कर्मचारियों और अधिकारियों की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और कहा कि हज़ारों सेवानिवृत्त अधिकारी ‘पेट-पालतु’ बनकर बैठे हैं, जिसका परिणाम है कि मुख्य न्यायाधीश गवई पर जूता फेंका गया।
योगी सरकार पर हमला
उदित राज ने यूपी सरकार द्वारा आउटसोर्स सेवा निगम लिमिटेड के गठन की मंज़ूरी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह कदम सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है, जिसके तहत आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करना था। सरकार ₹16,000-20,000 के मासिक मानदेय पर 11 लाख कर्मचारियों को नियुक्त करके संविदा शोषण को वैध बना रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी में दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कानपुर देहात के एक प्राथमिक विद्यालय में दलित रसोइया मुत्री देवी से शौचालय सफ़ाई कराने की शिकायत का ज़िक्र किया, जहाँ SC/ST एक्ट में दो महीने बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।
उदित राज का परिचय
डॉ. उदित राज, जो पूर्व में आयकर अधिकारी रह चुके हैं और 2014-2019 तक उत्तर-पश्चिम दिल्ली से लोकसभा सांसद भी थे, अब कांग्रेस के दलित चेहरे के रूप में सक्रिय हैं।

