बुलंदशहर हाईवे गैंगरेप: 9 साल बाद न्याय, 5 दोषियों को उम्रकैद; जज बोले- ‘समाज में रहने लायक नहीं ये राक्षस’
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के सबसे सनसनीखेज अपराधों में से एक ‘बुलंदशहर हाईवे गैंगरेप कांड’ में विशेष पॉक्सो अदालत ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है। विशेष न्यायाधीश ओपी वर्मा ने पांचों दोषियों को अंतिम सांस तक उम्रकैद और प्रत्येक पर 1.81 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे “राक्षसों” को सभ्य समाज से दूर रखना ही न्यायोचित है।
क्या था 28 जुलाई 2016 का वह काला मंजर?
नोएडा निवासी एक परिवार कार से शाहजहांपुर जा रहा था। नेशनल हाईवे-91 पर दोस्तपुर फ्लाईओवर के पास बावरिया गिरोह के सदस्यों ने लोहे की वस्तु फेंककर कार रुकवाई। बदमाशों ने परिवार को बंधक बनाकर खेत में ले जाकर 14 वर्षीय किशोरी और उसकी मां के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। परिवार के पुरुषों के हाथ-पैर बांधकर उनसे नकदी और जेवर लूट लिए गए थे।
शुरुआत में स्थानीय पुलिस की भारी लापरवाही सामने आई थी, जिसके बाद तत्कालीन एसएसपी सहित 17 पुलिसकर्मी निलंबित हुए थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर जांच सीबीआई (CBI) को सौंपी गई।
सीबीआई ने बावरिया गिरोह के जुबैर, सलीम, साजिद, रहीसुद्दीन और अन्य के खिलाफ साक्ष्य जुटाए। मामले के 6 मुख्य आरोपियों में से एक की जेल में बीमारी से मौत हो गई, जबकि दो अन्य को नोएडा और हरियाणा पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया था।
जुर्माने की राशि का वितरण
अदालत ने आदेश दिया है कि दोषियों पर लगाए गए कुल अर्थदंड का 50 प्रतिशत हिस्सा सीधे तौर पर पीड़ित मां और बेटी को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा। सजा सुनते ही दोषियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए हंगामा करने की कोशिश की, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
केस फाइल
वारदात की तारीख: 28 जुलाई 2016
जांच एजेंसी: सीबीआई (CBI)
अदालत: विशेष पॉक्सो कोर्ट, बुलंदशहर
सजा: आजीवन कारावास (उम्रकैद) और ₹1.81 लाख जुर्माना (प्रत्येक को)
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