आई-पैक पर ईडी की रेड के खिलाफ हाईकोर्ट में सुनवाई आज, ममता बनर्जी पर जांच में बाधा डालने का आरोप
Sandesh Wahak Digital Desk: कोलकाता में आई-पैक (I-PAC) के दफ्तर और इसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के घर पर हुई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी का मामला अब कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंच गया है। जस्टिस शुभ्रा घोष की सिंगल बेंच आज इस मामले से जुड़ी तीन अलग-अलग याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करेगी।
गुरुवार को ईडी ने साल्ट लेक स्थित आई-पैक दफ्तर और प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी की थी। ईडी का कहना है कि यह कार्रवाई अनूप माझी से जुड़े कोयला तस्करी सिंडिकेट की जांच का हिस्सा थी। लेकिन इस रेड के दौरान जो हुआ, उसने पूरे देश का ध्यान खींच लिया।
ईडी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। एजेंसी का दावा है कि मुख्यमंत्री खुद मौके पर पहुंचीं और जांच में बाधा डाली। उन्होंने कथित तौर पर कुछ फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज जब्त कर अपनी गाड़ी में रखवा लिए। ईडी का कहना है कि एक मुख्यमंत्री का जांच एजेंसी को रोकना संवैधानिक पद की गरिमा के खिलाफ है।
TMC का पलटवार, बीजेपी के लिए जासूसी कर रही है ईडी
वहीं, तृणमूल कांग्रेस और प्रतीक जैन ने भी जवाबी याचिकाएं दाखिल की हैं। टीएमसी का सीधा आरोप है कि आई-पैक उनकी चुनावी रणनीतिकार है, इसलिए ईडी का मकसद 2026 विधानसभा चुनाव की गुप्त रणनीतियां चुराना है। टीएमसी का दावा है कि ईडी ये दस्तावेज जब्त कर बीजेपी के साथ साझा करना चाहती है।
दिल्ली में भी मची हलचल
इस कार्रवाई के विरोध में टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन और महुआ मोइत्रा ने दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया, जिसके बाद उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। महुआ मोइत्रा ने तीखा हमला करते हुए कहा, देश देख रहा है कि दिल्ली पुलिस एक चुने हुए सांसद के साथ कैसा व्यवहार कर रही है, हम भाजपा को हराकर रहेंगे।
वहीं एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि इस छापेमारी का किसी राजनीतिक पार्टी या चुनावी रणनीति से कोई लेना-देना नहीं है। यह पूरी तरह से आर्थिक अपराध और कोयला तस्करी के मामले से जुड़ा ऑपरेशन था। अब सबकी नजरें कलकत्ता हाईकोर्ट पर टिकी हैं कि क्या मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप को कोर्ट सही मानेगा या ईडी की कार्रवाई पर कोई रोक लगेगी।
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