‘नरभक्षी’ राजा कोलंदर को उम्रकैद, 24 साल बाद आया कोर्ट का फैसला

Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ की एडीजे कोर्ट ने शुक्रवार को देश के सबसे सनसनीखेज आपराधिक मामलों में से एक में अपना फैसला सुनाते हुए प्रयागराज के कुख्यात अपराधी राम निरंजन उर्फ ‘राजा कोलंदर’ और उसके साले बक्षराज को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

यह मामला वर्ष 2000 का है, जब 22 वर्षीय पत्रकार धीरेंद्र सिंह और उनके ड्राइवर रवि श्रीवास्तव का अपहरण कर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। यह घटना उस समय सामने आई जब पत्रकार धीरेंद्र ने राजा कोलंदर की आपराधिक गतिविधियों की जानकारी जुटा ली थी। इससे नाराज़ होकर कोलंदर ने हत्या की साजिश रची।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि राजा कोलंदर ने अपने फार्महाउस पर पत्रकार को बुलाया था, जहां उसका साला बक्षराज भी मौजूद था। बातचीत के दौरान बक्षराज ने धीरेंद्र सिंह को गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के बाद दोनों ने शव को एक वाहन में रखकर मध्यप्रदेश सीमा की ओर ले गए। वहां उन्होंने शव को विकृत कर खेतों में दफन कर दिया और सिर को पन्नी में लपेटकर रीवा के पास एक तालाब में फेंक दिया।

डायरी से खुला राज

इस जघन्य हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस को राजा कोलंदर के घर से एक डायरी मिली, जिसमें अन्य कई हत्याओं का भी विवरण था। कोलंदर ने पूछताछ में 14 हत्याओं की बात कबूल की। डायरी में दर्ज विवरण के अनुसार, उसने अशोक कुमार, मुइन, संतोष और काली प्रसाद नाम के व्यक्तियों की हत्या की थी, जिनके सिर पुलिस को फार्महाउस में दबे हुए मिले।

सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि आरोपी ने इनमें से एक हत्या अपने ही सहकर्मी काली प्रसाद श्रीवास्तव की हत्या के बाद उसका दिमाग निकालकर उसका सूप बनाकर पीने की बात भी कबूल की। उसका दावा था कि वह ऐसा इसलिए कर रहा था ताकि उसका दिमाग तेज हो सके।

राजा कोलंदर पहले ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में काम करता था और उस पर पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज थे। कोर्ट के इस फैसले से पीड़ित परिवार को दो दशक बाद न्याय की उम्मीद जगी है, जबकि आम जनमानस में इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले की गूंज अभी भी कायम है।

Also Read: लखनऊ में होर्डिंग के ज़रिए सियासी संदेश, सपा पर निशाना, ब्रजेश पाठक को लेकर कही यह बात

Get real time updates directly on you device, subscribe now.